इस्लामाबाद, 19 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)में विरोध-प्रदर्शनों पर आई प्रतिक्रिया ने इस देश का असली चेहरा सामने ला दिया है और यह ‘शाइनिंग इंडिया’ मत का प्रचार नहीं है। यह बात शुक्रवार को पाकिस्तान के एक दैनिक समाचारपत्र ने अपने संपादकीय में कही।
‘द न्यूज इंटरनेशनल’ समाचारपत्र ने अपने संपादकीय ‘भारत में फासीवादी लड़ाई’ में कहा कि जेएनयू में हुए विरोध-प्रदर्शन पर उमड़ी प्रतिक्रिया ने आज के भारत का असली चेहरा दिखाया है। यह उस शाइनिंग इंडिया मत का प्रचार नहीं है, जिसके बारे में हमने इतना सुना है। जेएनयू के साहसी विद्यार्थियों को भारत-विरोधी करार देना एक कलंक है।’
संपादकीय में कहा गया, “पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से बदसलूकी की और छात्र संघ के नेता कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद उन्होंने एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गोमांस खाते देखा था और बताया कि वे दो सालों से विद्यार्थियों पर नजर रख रहे थे।”
कहा गया, “उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को भारत विरोधी बताया और यह जानने कि कोशिश की कि वे पाकिस्तान से तो जुड़े नहीं हुए हैं। पहले कहा गया कि इस विरोध-प्रदर्शन के पीछे हाफिज सईद है और अब जेएनयू के पीएचडी के छात्र उमर खालिद पर पाकिस्तानी आतंकवादी समूह का हिस्सा होने का आरोप लगा रहे हैं।”
समाचारपत्र ने कहा कि ‘जेएनयू के बहादुर विद्यार्थियों को भारत विरोधी कहना कलंक है।’
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