नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि इस साल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा की गई दर कटौती का लाभ जो वाणिज्यिक बैंक अपने कर्जधारकों को नहीं दे पाए हैं, वे अगले कुछ सप्ताह में यह काम कर देंगे।
जेटली ने बैंकों के प्रमुखों के साथ अपनी बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “प्रत्येक बैंक ने दिसंबर से जून तक रिजर्व बैंक की प्रत्येक दर कटौती पर प्रस्तुति दी। कुछ बैंकों ने दर कटौतियों का लाभ आगे नहीं बढ़ाया है। मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में वे अपनी ब्याज दर कम करने की स्थिति में होंगे।”
मंत्री ने कहा, “बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट में कठिनाई दिखाई है। उन्होंने हमलोगों से छोटी बचत योजनाओं पर भी गौर करने के लिए कहा, जिसकी 8.5-9 फीसदी की ऊंची दर के कारण उनकी जमा दर अधिक हो जा रही है।”
जेटली ने कहा, “बैंकों ने कहा है कि जब रेपो दर बढ़ रही थी, तो वे ब्याज दर धीमे-धीमे बढ़ा रहे थे और अब वे इसे कम करने की गति भी धीमी रख रहे हैं।”
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन से गुरुवार को मुलाकात के बाद जेटली से यह उम्मीद की जा रही थी कि शुक्रवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ होने वाली बैठक में वह आरबीआई द्वारा पहले दरों में की गई कटौती का लाभ आम ग्राहकों को देने के लिए कह सकते हैं।
आरबीआई द्वारा रेपो दर को 7.5 फीसदी से घटाकर 7.25 फीसदी किए जाने के बाद जेटली की राजन के साथ यह पहली मुलाकात थी।
रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक छोटी अवधि के लिए आरबीआई से कर्ज लेते हैं।
आरबीआई ने इस साल रेपो दर में तीन बार में कुल 0.75 फीसदी कटौती कर दी है, लेकिन कई वाणिज्यिक बैंकों ने हर बार अपनी ब्याज दरें नहीं घटाई।
राजन ने अप्रैल में कहा था कि बैंकों को पिछली कटौती का लाभ ग्राहकों को देना चाहिए और उन्होंने बैंकों के इस दावे को खारिज कर दिया था कि पूंजी की लागत काफी अधिक है।
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