इस कमरे का निर्माण पहली बार साल 1936 में हुआ था। उसके बाद से लेकर अब तक इसका एक बार भी नवीनीकरण नहीं हुआ है। अब इसे एक बार फिर सुसज्जित कर ‘चाइना हॉल’ नामक कॉफ्रेंस हॉल के रूप में तैयार किया जाएगा। यह संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न इमारतों में अपनी तरह की पहली इमारत होगी।
चीन की सांस्कृतिक झलक देने वाले इस हॉल का निर्माण कार्य साल 2019 तक पूरा हो जाएगा।
इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र चीन की पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के स्थाई प्रतिनिधि और राजदूत मा झाओक्सू ने कहा कि यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के लिए चीन के सतत समर्थन का संकेत है।
यूएनओजी के महानिदेशक माइकल मोलर का कहना था कि इस परियोजना पर हस्ताक्षर करने के बाद वह बेहद खुश हैं कि चीन पैलेस ऑफ नेशन के संरक्षण कार्य के लिए योगदान दे रहा है। जो मानव जाति के लिए एक ऐतिहासिक विरासत और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक संचालन केंद्र होगा।
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