संयुक्त राष्ट्र, 27 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने गुरुवार को विश्वभर के देशों से अपील की कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की तरफ से जैविक हथियारों पर रोक लगाने के लिए किए गए प्रयास में हुई प्रगति के बावजूद इससे सतर्क रहने की जरूरत है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र जैविक हथियार सम्मेलन की 40वीं वर्षगांठ पर महासचिव ने कहा कि जैविक हथियारों के इस्तेमाल और इसे अपने अधिकार में रखे जाने के खिलाफ नियम सख्त रहे हैं और किसी भी देश ने खुद के पास जैविक हथियार होने की बात नहीं कबूल की है।
जैविक हथियार सम्मेलन के तहत सदस्य देशों ने 1972 में हस्ताक्षर किए थे और यह 1975 में प्रभावी हुआ था।
यह जैविक व जहरीले हथियार के विकास, निर्माण, अधिग्रहण, स्थानांतरण, निरोध, एकत्रीकरण और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाता है। साथ ही यह मानवजाति के लिए खतरनाक हथियार के प्रसार पर रोक लगाने के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रयास में परमाणु गैर-प्रसरण संधि और रासायनिक हथियार समझौते की तरह ही महत्वपूर्ण है।
इसमें फिलहाल 173 सदस्य हैं।
महासचिव ने कहा, “सदस्य देशों को इस बात से अवगत रहने की जरूरत है कि ये हथियार मानवता के लिए खतरनाक हैं और उन्हें उसकी उपलब्धता समाप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए।”
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