नई दिल्ली – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर सोमवार को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए.चुनाव आयोग में कामकाज को लेकर इंडियन एक्स्प्रेस की एक खोजी रिपोर्ट के बाद विपक्षी पार्टियों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की थी. इस मामले में सीजेपी ने दो अक्तूबर से जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है.
दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया था कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में आयोग की ओर से लिए गए फ़ैसलों को लेकर 14 बार आपत्तियां जताई थीं.
और उनका कहना था कि इस दौरान लिए गए अहम फ़ैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया गया था.
इसके बाद चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फ़ैसले सर्वसम्मति से हुए हैं.सोमवार को दिल्ली, पटना, इलाहाबाद, जयपुर, हैदराबाद, श्रीनगर समेत देश के कई शहरों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर कई दर्शन हुए. यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया जहां दायर एक याचिका में ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की गई है.
वहीं दिल्ली के जंतर मंतर पर दो अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की सूचना देने के लिए सोमवार को आइसा की अध्यक्ष नेहा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचा.रविवार को गुवाहाटी में हिरासत में लिए गए और फिर सोमवार को रिहा किए गए सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा, गेंद अब सीजेपी के पाले में है.”
दरअसल सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देने के लिए बीते शनिवार यानी 26 सितंबर तक इस्तीफ़ा देने की मांग की थी.
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