रायपुर/कोरबा (छग), 31 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। विगत चार दिन पूर्व उत्तर प्रदेश में झांसी के पास रेलवे के वैगन से चोरी हुए सेना के चार स्मोक मोर्टार कोरबा में मिले हैं, जिससे हड़कंप मचा हुआ है।
रायपुर/कोरबा (छग), 31 अगस्त (आईएएनएस/वीएनएस)। विगत चार दिन पूर्व उत्तर प्रदेश में झांसी के पास रेलवे के वैगन से चोरी हुए सेना के चार स्मोक मोर्टार कोरबा में मिले हैं, जिससे हड़कंप मचा हुआ है।
बुधवार देर रात करीब तीन बजे मालगाड़ी में बम मिलने की अफवाह जंगल में आग की तरह फैली। सूचना पर जीआरपी, आरपीएफ, जिला पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। बम नहीं, सिर्फ स्मोक मोर्टार मिलने से आलाधिकारियों के जान में जान आई। उन्होंने राहत की सांस ली।
मामले की पुष्टि करते हुए कोरबा के पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण ने बताया कि सेना के चार मोर्टार मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच में प्रथम ²ष्टया पता चला कि पुलगांव नागपुर के आर्मी डिपो से एक सील बंद वैगन में पंजाब आर्मी डिपो के लिए सामान रवाना हुआ था। झांसी के पास उस वैगन की सील किसी ने तोड़ दी थी। वैगन से एक बॉक्स चोरी कर लिया गया था, जिसमें चार नग स्मोक मोर्टार थे।
उन्होंने बताया कि घटना की शिकायत दो दिन पूर्व झांसी जीआरपी में दर्ज हुई थी। बुधवार रात पंजाब के नावा प्लांट से मालगाड़ी कोरबा पहुंची थी। मालगाड़ी में कोयला लोड होना था। कोरबा और गेवरा स्टेशन के बीच कुसमुंडा स्थित एसईसील की कोयला साइडिंग में मालगाड़ी का वैगन खोला गया। सामने एक बॉक्स दिखा। इसकी सूचना साइडिंग के कर्मचारी ने जीआरपी को दी थी।
एसपी ने बताया कि मौके पर सबसे पहले पहुंची जीआरपी और आरपीएफ की टीम सकते में आ गई। पहले तो बम समझकर साइडिंग के लोगों को स्थान से दूर किया गया, उसके बाद पूरे स्थान को खाली करवाया गया। आनन-फानन में सूचना जिला पुलिस को दी गई।
जिला पुलिस ने सूचना आरपीएफ (बिलासपुर) को दी, जहां से बम डिस्पोजल दस्ता पहुंचा। बॉक्स की जांच करने पर पता चला किए बम नहीं, स्मोक मोर्टार है। इस संबंध में झांसी पुलिस को सूचना दे दी गई है और बॉक्स को कुसमुंडा पुलिस ने अपन कब्जे में लिया है।
सूत्रों ने बताया कि कोरबा में बम डिस्पोजल दस्ता नहीं है। घटना की तत्काल सूचना बिलासपुर आरपीएफ को दी गई। बिलासपुर से बम डिस्पोजल दस्ता पहुंचा था। सवाल तो यह उठ रहा है कि गनीमत है केवल स्मोक मोर्टार ही निकले, यदि अफवाह के अनुरूप जिंदा बम होता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। बहरहाल किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
जीआरपी कोरबा से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक उस रेल ट्रैक पर पुन: यातायात शुरू हुआ। बुधवार रात तीन बजे से गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक इस रेल मार्ग को बंद रखा गया था। पूरी मालगाड़ी में तलाशी और जांच की गई। मामला साफ होने के बाद अब उस मालगाड़ी को कोयला लोड कर अपने गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा।
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