मेलबर्न, 18 जनवरी (आईएएनएस)। दो मीडिया संस्थानों द्वारा की गई पड़ताल में टेनिस जगत के 16 पेशेवर खिलाड़ियों के फिक्सिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं।
मेलबर्न, 18 जनवरी (आईएएनएस)। दो मीडिया संस्थानों द्वारा की गई पड़ताल में टेनिस जगत के 16 पेशेवर खिलाड़ियों के फिक्सिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, आस्ट्रेलियन ओपन के पहले दिन ही बजफीड न्यूज और ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) ने इस पड़ताल में फिक्सिंग का खुलासा किया है।
जिन 16 खिलाड़ियों के इस मामले में शामिल होने की बात सामने आ रही है उसमें से आठ खिलाड़ी इस समय आस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा ले रहे हैं।
पड़ताल में काफी सारे दस्तावेज और 26,000 टेनिस मैचों पर की गई सट्टेबाजी का ब्योरा भी मिला है।
सोमवार को मैच फिक्सिंग के सबूतों की फाइल को बीबीसी और बजफीड ने सार्वजनिक किया।
एक यूएस ओपन चैम्पियन और विबंलडन में युगल खिताब जीतने वाले एक खिलाड़ी के उन 16 खिलाड़ियों में शामिल होने के संकेत हैं।
एक शीर्ष 50 में शामिल खिलाड़ी जो इस समय आस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा ले रहा है, वह लगातार मैच का पहला सेट फिक्स करने के घेरे में है।
खिलाड़ियों को सट्टेबाजों द्वारा मैच फिक्स करने के लिए 50,000 डॉलर का प्रस्ताव दिया जाता था।
संदिग्ध फिक्सरों की नौ सूची में 70 खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं।
चार खिलाड़ियों पर उनके मैच हारने पर संदेह बना हुआ है। इन खिलाड़ियों ने अपना लगभग हर मैच हारा है। प्राथमिक जांच के मुताबिक इन खिलाड़ियों ने जैसा प्रदर्शन किया है वैसा प्रदर्शन 1,000 मैचों में से एक मैच में होता है।
टेनिस संघों को लगातार बताने के बाद कि खिलाड़ी मैच फिक्सिंग का हिस्सा बन रहे हैं, संघों ने इसे रोकने के कदम नहीं उठाए।
टेनिस अखंडता ईकाई (टीआईयू) के मुखिया निजेल विर्लटन ने बजफीड से कहा, “फिक्सिंग के मामलों को बदार्शत नहीं किया जाएगा। टीआईयू को जो भी सूचना मिली है उसकी समीक्षा की जाएगी और इसकी जांच भी कराई जाएगी।”
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