शिलांग, 10 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी राहिला काशिफ ने बुधवार को कहा कि टेबल टेनिस के विकास और देश में खेल के प्रचार-प्रसार के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत से मदद की काफी उम्मीदें हैं।
शिलांग, 10 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी राहिला काशिफ ने बुधवार को कहा कि टेबल टेनिस के विकास और देश में खेल के प्रचार-प्रसार के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत से मदद की काफी उम्मीदें हैं।
काशिफ यहां चल रहे 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में बुधवार मौमा दास-के. शामिनी और मणिका बत्रा-पूजा सहस्रबुद्धे की भारतीय जोड़ियों के बीच हुए महिला युगल का फाइनल मुकाबला देखने आई हुई थीं।
काशिफ ने आईएएनएस से कहा, “पाकिस्तान टेबल टेनिस में भारत जितना मजबूत नहीं है। हम खेल को बढ़ावा देने के लिए भारत से सहयोग की उम्मीद रखते हैं।”
उन्होंने कहा, “दोनों देशों के खेल संघों को आपस में दोस्ताना मैचों का आयोजन भी करना चाहिए ताकि खेल को बढ़ावा मिल सके। भारत के शीर्ष खिलाड़ियों मौमा दास, एंथनी अमलाराज जैसे खिलाड़ियों को पाकिस्तान में आकर जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना चाहिए।”
काशिफ का कहना है कि पाकिस्तान में अच्छे खिलाड़ी विकसित नहीं हो पा रहे।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले 25 साल से खेल रही हूं। हमारा स्थान लेने के लिए देश में प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी नहीं हैं।”
उन्होंने कहा, “हमें युवा खिलाड़ियों के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षण शीविरों की जरूरत है लेकिन इससे पहले हमें पाकिस्तान में खिलाड़ियों को खेल के प्रति आकर्षित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन करने की जरूरत है।”
काशिफ ने कहा, “इसलिए अच्छा होगा की भारत और पाकिस्तान आपस में दोस्ताना मैच खेलें।”
दक्षिण एशियाई खेलों के पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक हासिल करने वाले पाकिस्तान के असीम कुरैशी खेलों में सबसे ज्यादा उम्र के खिलाड़ी हैं। उनकी उम्र 51 वर्ष है।
महिला युगल में रजत पदक हासिल करने वाली पाकिस्तानी जोड़ी शबनम बिलाल और राहिल खलीफ की उम्र भी 45 वर्ष से ज्यादा है।
भारतीय टीम के कोच विजयसार्थी शेषाद्री ने कहा है कि दोनों देशों के बीच दोस्ताना मैचों का फैसला भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) पर निर्भर करता है।
भारतीय टीम के प्रबंधक त्रिदिब दुवाराह ने आईएएनएस से कहा, “हम अच्छे पड़ोसी हैं। अगर हमें पड़ोस में टेनिस को बढ़ाने का मौका मिलता है तो हमें ऐसा करके काफी खुशी होगी।”
टीटीएफआई के महासचिव ने इस पर यह कहते हुए कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि दोनों देशों के बीच मैचों का फैसला भारत सरकार पर निर्भर करता है।
dharmpath.com dharmpath