वाशिंगटन, 28 अप्रैल (आईएएनएस/सिन्हुआ)। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने के क्रम में गत मंगलवार को पांच राज्यों में हुए चुनावों में एकतरफा जीत हासिल करने बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यहां एक भाषण में अपनी विदेश नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ यानी ‘अमेरिका पहले’ का सारांश पेश किया।
वाशिंगटन, 28 अप्रैल (आईएएनएस/सिन्हुआ)। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने के क्रम में गत मंगलवार को पांच राज्यों में हुए चुनावों में एकतरफा जीत हासिल करने बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यहां एक भाषण में अपनी विदेश नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ यानी ‘अमेरिका पहले’ का सारांश पेश किया।
मेफ्लावर होटल में बुधवार की रात अपने भाषण में उन्होंने कहा, “यह समय अमेरिका की विदेश नीति से जंग छुड़ाने का है।”
उन्होंने कहा, “मेरी विदेश नीति हमेशा अमेरिकी जनता और अमेरिकी हितों को सबसे ऊपर रखती है, जिसका अर्थ यह है कि इसमें अमेरिकी नागरिकों के हितों तथा देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मैं जो भी फैसला लूंगा उसका यह आधार होगा।”
‘टाइम’ पत्रिका ने नामचीन उद्यमी ट्रंप के हवाले से कहा है, ‘अमेरिका फर्स्ट’ मेरे प्रशासन का प्रमुख एवं अधिभावी थीम होगा।’
ट्रंप ने मंगलवार को पांच राज्यों- पेन्सिलवेनिया, मेरीलैंड, कनेक्टिकट, डेलवेयर तथा रोडे आइलैंड में हुई प्राइमरी में शानदार जीत दर्ज करने के बाद बुधवार को दिए अपने एक संबोधन में कहा, “मेरी विदेश नीति में हमेशा अमेरिकी नागरिकों के हितों और अमेरिका की सुरक्षा को तवज्जो दी जाएगी।”
ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व विदेश मंत्री और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहीं हिलेरी क्लिंटन की आलोचना की। उन्होंने ईरान से परमाणु करार करने और ओबामा के क्यूबा दौर की आलोचना की।
उन्होंने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात दोहराई। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि वह राष्ट्रपति निर्वाचित होते हैं तो बहुत जल्द आईएस का सफाया कर दिया जाएगा। बकौल ट्रंप, आईएस के अब गिने-चुने दिन रह गए हैं।
उन्होंने साथ ही अमेरिकी परमाणु हथियारों को उन्नत बनाने का आह्वान किया।
ट्रंप ने अमेरिका के मुस्लिम सहयोगियों को शांति का प्रस्ताव दिया। उन्होंने उन तरीकों का उल्लेख किया, जिनके जरिए अमेरिका मुस्लिम जगत के साथ रचनात्मक रिश्ते रख सकता है।
अपने संबोधन में अमेरिका के रियल स्टेट कारोबारी ने अमेरिकी सेना की खराब हालत का भी जिक्र किया और राष्ट्रपति ओबामा पर रक्षा बजट घटाने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने कहा, “हमारी सेना को मजबूत बनाने के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा, हम करेंगे। हमें हमारी सेना के प्रभाव को लेकर किसी को भी सवाल करने का अवसर नहीं देना होगा।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह आवश्यक पड़ने पर अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा, “कोई विकल्प नहीं होने की स्थिति में मैं सैन्य बलों को तैनात करने से संकोच नहीं करूंगा। लेकिन यदि अमेरिका लड़ता है तो इसे जीतने के लिए लड़ना होगा।”
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