हांगकांग, 11 जनवरी (आईएएनएस)। चीन द्वारा ताइवान जलडमरुमध्य में विमानवाहक पोत भेजने को लेकर ताइवान ने बुधवार को नाराजगी जताई।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम चीन की नौ सेना की बढ़ती ताकत का संकेत है, जो नौ दिनों बाद कामकाज संभालने वाले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए विदेश नीति को लेकर एक चुनौती हो सकती है।
दशकों से चले आ रहे प्रोटोकॉल को तोड़कर ट्रंप द्वारा ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन के साथ फोन पर बातचीत के बाद चीन व ताइवान के बीच बढ़े तनाव के बीच विमानवाहक पोत द लिओनिंग का दक्षिण चीन सागर में अभ्यास सामने आया है।
साई एक राजनीतिक दल का नेतृत्व करती हैं, जो चीन से औपचारिक रूप से ताइवान की स्वतंत्रता का परंपरागत रूप से समर्थन करता है।
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