क्रेमलिन ने यह जानकारी दी है। यह निर्णय पिछले साल तुर्की द्वारा रूसी विमान एसयू-24 को मार गिराए जाने पर एर्दोगान के मांफी मांगने के बाद लिया गया है। इस घटना में विमान के पायलट की मौत हो गई थी।
समाचार एजेंसी ‘आरआईए नोवोस्ती’ के मुताबिक क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, “हमें एक दूसरे की ओर एक से अधिक कदम उठाने की आवश्यकता है। किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि कुछ दिनों में सब सामान्य हो जाएगा, बल्कि इस दिशा में काम करते रहना चाहिए। इसी के तहत रूस की पहल पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच फोन वार्ता निर्धारित की गई है।”
क्रेमलिन ने सोमवार को बताया कि एर्दोगान ने पुतिन को एक पत्र भेजकर रूसी बमवर्षक को मार गिराने पर खेद जताया और माफी मांग कर संबंधों को सुधारने इच्छा जताई थी।
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