अंकारा, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका ने तुर्की को सैन्य तख्तापलट में अमेरिका की संलिप्तता संबंधी ‘सार्वजनिक कटाक्ष’ वाला बयान देने के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि इस तरह के दावे ‘पूरी तरह झूठे और दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए नुकसानदेह’ हो सकते हैं।
तुर्की के श्रम मंत्री द्वारा सैन्य तख्तापलट में अमेरिकी संलिप्तता की शंका जाहिर करने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा, “अमेरिक, तुर्की में हुई सैन्य तख्तापलट की विफल कोशिश की जांच में सहोयग देने का इच्छुक है, लेकिन अमेरिका की भूमिका के बारे में सार्वजनिक इशारा या दावा बिल्कुल झूठा है और हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदेह होगा।”
अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में केरी ने तुर्की में चुनी हुई सरकार के प्रति अमेरिका का समर्थन फिर से दोहराया।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एरदोगन ने शनिवार को अमेरिका से तुर्की के धर्मगुरु फेतुल्ला गुलेन को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया था। अमेरिका में आत्म-निर्वासन की जिंदगी जी रहे गुलेन पर तुर्की में सैन्य तख्तापलट की साजिश में शामिल होने का संदेह किया जा रहा है।
गुलेन ने हालांकि पेंस्लिवेनिया स्थित अपने घर से दिए संबोधन में कहा, “एक ऐसे व्यक्ति को जिसे खुद बीते पांच दशकों में न जाने कितनी बार सैन्य तख्तापलट भुगतना पड़ा हो, तुर्की के सैन्य तख्तापलट से उसे जोड़ना निहायत ही अपमानजनक है।”
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार की रात तुर्की में सेना की एक टुकड़ी ने सैन्य तख्तापलट की कोशिश की, सभी बड़े महानगरों के पुलों और अहम स्थलों पर कब्जा कर लिया और राजधानी स्थित संसद भवन इमारत पर हमला कर दिया।
तुर्की की सरकार के मुताबिक, शनिवार सुबह तक आम नागरिकों की मदद से सैन्य तख्तापलट की साजिश तो नाकाम कर दी गई, लेकिन इस बीच 161 लोगों की मौत हो गई।
सैन्य तख्तापलट की कोशिश नाकाम होने के बाद से अब तक तुर्की में 6,000 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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