तुर्की में तख्तापलट की साजिश में भूमिका से अमेरिका का इनकार (राउंडअप)

अंकारा, 17 जुलाई (आईएएनएस)। तुर्की की सरकार ने शुक्रवार की रात हुई सैन्य तख्तापलट की विफल कोशिश में शामिल होने के आरोप में 6,000 लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच, अमेरिकी ने रविवार को तुर्की में तख्तापलट की साजिश में शामिल होने के अंकारा के दावे को खारिज कर दिया है।

तुर्की के न्याय मंत्री बेकिर बोज्दाग ने कहा कि साजिशकर्ताओं के सफाए के लिए शुरू गिया गया अभियान जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारियां बढ़ सकती हैं।

समाचार चैनल बीबीसी के अनुसार, तुर्की सरकार द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में सैन्य अधिकारियों के अलावा 2,700 न्यायाधीश भी शामिल हैं। रविवार को तुर्की के पश्चिमी डेनिज्ली प्रांत से सेना के 50 से अधिक शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक तख्तापलट की साजिश नाकाम होने के बाद एक हेलीकॉप्टर में तुर्की के आठ सैनिक ग्रीस पहुंचे और राजनीतिक शरण की मांग की। रविवार को तुर्की के इन आठ सैनिकों ने तख्तापलट की साजिश का हिस्सा होने से इनकार किया, लेकिन आशंका जताई कि यदि उन्हें तुर्की वापस भेजा गया तो उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण कानूनी कार्यवाही हो सकती है। ग्रीस ने इन्हें शरण देने से मना कर दिया है।

तुर्की के रक्षा मंत्री फिकरी इसिक ने शनिवार को तख्तापलट की कोशिश करने वाले सैनिकों द्वारा बंधक बना लिए गए तुर्की के तीन कमांडरों को छुड़ा लिए जाने की घोषणा की।

इसके अलावा राजधानी अंकारा में अकिंकी सैन्य अड्डे से 72 साजिशकर्ताओं को और गिरफ्तार किया गया है।

इस बीच तुर्की सरकार की ओर से अमेरिका में बस गए इस्लामिक धर्मगुरु फेतुल्लाह गुलेन पर तुर्की में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाए जाने के बाद तुर्की और अमेरिका में रविवार को आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

अमेरिका में आत्म-निर्वासन की जिंदगी जी रहे गुलेन ने तुर्की में तख्तापलट में अपनी भूमिका से इनकार किया है। गुलेन ने कहा है कि हो सकता है कि एरदोगान ने खुद ही तख्तापलट का यह नाटक रचा हो। जबकि, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एरदोगन ने अमेरिका से गुलेन को प्रत्यर्पित करने की मांग की।

इस पर अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने कड़ा जवाब देते हुए कहा, “तुर्की को इस संबंध में हमारे सामने कोई उचित सबूत पेश करना चाहिए जो जांच में खरा उतरे। ऐसा होता है तो अमेरिका उसे स्वीकार करेगा, उस पर विचार करेगा और उचित निर्णय लेगा।”

तुर्की के श्रम मंत्री सुलेमान सोयलू ने तख्तापलट की साजिश के पीछे अमेरिकी हाथ होने की शंका जाहिर की थी।

इस बीच तुर्की में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच अभूतपूर्व एकता देखने को मिली। सभी दलों ने एक सुर में तख्तापलट की कोशिश की निंदा की।

राष्ट्रपति एरदोगन ने कहा कि तुर्की के संसद में मौत की सजा को फिर से लागू करने पर विचार किया जाएगा।

तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरीम ने 15 जुलाई का दिन तुर्की में लोकतंत्र महोत्सव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की है। इसी दिन तुर्की के आम नागरिकों ने सैन्य तख्तापलट की कोशिशों को नाकाम कर दिया था।

समाचार पत्र ‘हुर्रियत’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यिलदिरीम ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की सैन्य तख्तापलट की कोशिशों पर रोकथाम के लिए संसद में चर्चा होगी और हालिया साजिशकर्ताओं को सख्त सजा देने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

हुर्रियत अखबार के मुताबिक, यिलदिरीम ने कहा, “15 जुलाई तख्तापलट की साजिश के कारण लोकतंत्र पर काला धब्बा हो सकता था, लेकिन तुर्की के आम नागरिकों की लोकतंत्र और आजादी के प्रति निष्ठा का मैं आभारी हूं जिन्होंने इस दिन को लोकतंत्र के महोत्सव में तब्दील कर दिया। हमारे लोगों ने इस आतंकी गिरोह को सबसे बेहतर जवाब दिया है।”

इस बीच रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित दुनिया के कई अन्य शीर्ष नेताओं ने तुर्की के सभी पक्षों से ‘कानून के दायरे में रहकर’ कार्रवाई करने की अपील की।

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