नई दिल्ली, 3 अक्टूबर – बिरयानी की खुशबू, पुष्प उत्सव, खूबसूरत झरने, हैदराबाद के प्रसिद्ध चारमिनार और सालार जंग संग्रहालय तथा आधुनिक आईटी हब जैसे समृद्धि विरासतों के कारण नवगठित राज्य तेलंगाना को पर्यटन क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं दिखाई पड़ती हैं।
बमुश्किल तीन महीने पहले गठित देश के 29वें राज्य तेलंगाना ने आतिथ्य संरचना के विकास, पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय पाक शैलियों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश करने का फैसल किया है।
राज्य के योजना, पर्यटन और संस्कृति प्रधान सचिव बी.पी. आचार्य ने आईएएनएस से कहा, “पर्यटन केंद्रीय विषय है। अधोसंरचना विकास के लिए संसाधन की कमी नहीं है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से 100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चालू है।”
उन्होंने कहा, “हम कई और गतिविधियों की पहचान कर रहे हैं। राज्य में पहले से ही उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कर छूट की व्यवस्था है।”
आचार्य के मुताबिक सरकार पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कोशिश करेगी।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग, विश्वस्तरीय सम्मेलन कक्ष और आधुनिक हवाई अड्डों के कारण राज्य की राजधानी अभी बैठक, सम्मेलन और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों का गढ़ है।
हैदराबाद की बिरयानी पहले से ही प्रसिद्ध है और इसके साथ ही निजाम के जमाने की ऐतिहासिक धरोहरें और सांस्कृतिक विरासत अक्षुण्ण हैं।
सरकार हैदराबाद के अलावे कवल, जन्नारम, तदावई और मन्नानुर बाघ अभयारण्यों का भी एडवेंचर और इको टूरिज्म के तौर पर विकास करना चाहती है।
देश का सबसे बड़ा पुष्प उत्सव भटुकम्मा एक अन्य आकर्षण है, जिसका सरकार उपयोग करना चाहती है।
सरकार बड़ी होटल कंपनियों को भी राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों में निवेश करने के लिए आकर्षित कर रही है, जिनमें से कई ने पहले से ही हैदराबाद में निवेश किए हुए हैं।
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