दुबई, 17 नवंबर (आईएएनएस)। कच्चे तेल का मूल्य 40 डॉलर प्रति बैरल से कम होने पर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे अनुकूल माहौल का निर्माण हुआ है, क्योंकि इससे सरकारी तेल विपणन कंपनियों को हुए घाटे की भरपाई हुई है और महंगाई कम हुई है।
जेटली ने सोमवार शाम संवाददाताओं से कहा, “इसने वायदा खरीद के कारण हमारी कंपनियों को हो रहे घाटे की भरपाई करने में मदद की है। इसने महंगाई को भी कम किया है, जिसके कारण भारतीय रिजर्व बैंक दरों में कटौती कर पाया।”
उन्होंने कहा कि इसके कारण सरकार को सब्सिडी घटाने में भी मदद मिली है।
जेटली ने कहा, “इसके कारण हमें ईंधन उपकर बढ़ाने में भी मदद मिली, जिसका उपयोग अवसंरचना निर्माण में किया जाएगा।”
जेटली संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उनके दौरे का मकसद देश के लिए निवेश जुटाना है।
यूएई 2014-15 में भारत के लिए कच्चे तेल का छठा सबसे बड़ा स्रोत रहा है।
भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत सोमवार को प्रति बैरल घटकर 39.89 डॉलर रही।
12 पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के कच्चे तेल की कीमत सोमवार को प्रति बैरल 38.18 डॉलर रही।
गत 11 सालों में पहली बार शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 40 डॉलर से नीचे 39.21 डॉलर पर बंद हुई।
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