नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। आलू और दालों की ऊंची कीमतों के बावजूद थोक महंगाई दर (डब्ल्यूपीआई) में गिरावट देखी गई है और अक्टूबर में यह घटकर 3.39 फीसदी रही, जबकि पिछले महीने यह 3.57 फीसदी थी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर शून्य से नीचे 3.70 फीसदी थी।
वही, आलू की सालाना महंगाई दर (अक्टूबर से अक्टूबर तक) में तेज 60.58 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि दालों की दर इस दौरान 21.8 फीसदी रही। प्याज की कीमत शून्य से नीचे 65.97 फीसदी गिरी, जबकि सब्जियों के दाम शून्य से नीचे 9.97 फीसदी रहे।
प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थ जैसे अंडे, मांस और मछलियों की कीमत में 6.20 फीसदी की गिरावट आई। जबकि गेंहू की कीमत 6.30 फीसदी बढ़ी।
प्राथमिक क्षेत्र की वस्तुएं जिनका डब्ल्यूपीआई में 20.12 फीसदी योगदान है, की कीमतें 3.31 फीसदी बढ़ी। विनिर्मित वस्तुओं, जिनका डब्ल्यूपीआई में करीब 65 फीसदी योगदान है, की कीमतें पिछले महीने 2.67 फीसदी बढ़ी।
इसी तरह से ईधन और बिजली की कीमतों में अक्टूबर में तेजी देखी गई। इसमें अक्टूबर में 6.18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि सितंबर में 5.58 फीसदी और अगस्त में 1.62 फीसदी बढ़ी थी।
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