पार्क पर आरोप है कि उन्होंने अपनी करीबी विश्वासपात्र चोई सून-सिल के नियंत्रण वाली दो संस्थाओं के लिए धन जुटाने में उनकी मदद की थी।
बढ़ते विरोध-प्रदर्शन के बावजूद पार्क ने इस्तीफा देने से मना कर दिया है। इसके बजाय उन्होंने विरोधियों को उन पर महाभियोग चलाने की चुनौती दी है।
राष्ट्रपति पार्क पर महाभियोग चलाना विपक्ष के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती हो सकती है।
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