दक्षिण सूडान ने संयुक्त राष्ट्र के जनसंहार वाले बयान को मनगढ़ंत बताया

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार के अधिकारियों ने कहा था कि दक्षिण सूडान में तेजी से बढ़ते जनसंहार की स्थिति ने 1994 के रवांडा जनसंहार की यादें ताजा कर दी है।

दिसंबर 2013 में दक्षिण सूडान गृहयुद्ध की चपेट में आ गया। दो जातीय समूह दिन्का और नुएर एक दूसरे को निशाना बनाकर हत्याओं को अंजाम देने लगे। दोनों प्रतिद्वंद्वी समूह क्रमश: राष्ट्रपति कीर और बर्खास्त उप राष्ट्रपति रिएक मैकार से ताल्लुक रखते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के दबाव में पिछले साल अगस्त में प्रतिद्वंद्वी नेताओं के बीच शांति समझौता हुआ था जो थोड़े दिन ही कायम रह सका और जुलाई में नए सिरे से दोनों समूहों के बीच लड़ाई भड़क उठी।

दिसंबर, 2013 से लेकर अब तक हजारों लोग दक्षिण सूडान में छिड़े गृहयुद्ध में मारे जा चुके हैं।

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