दया याचिका का अधिकार खत्म होने तक जीवित रहेगा जाधव : पाकिस्तान (लीड-1)

इस्लामाबाद, 1 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव तब तक जीवित रहेगा, जब तक दया याचिका दाखिल करने का उसका अधिकार खत्म नहीं हो जाता। वहीं प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में भारत की दलीलों से निपटने के लिए शीर्ष अधिकारियों से इस्लामाबाद की रणनीति के बारे में चर्चा की।

विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) द्वारा उसकी फांसी पर रोक का कोई फर्क नहीं पड़ता। जाधव तब तक जीवित रहेगा, जबतक दया याचिका दाखिल करने का उसका अधिकार खत्म नहीं हो जाता।”

शरीफ की बैठक को लेकर गुप्त स्रोतों का कहना है कि नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (एनएससी) ने आईसीजे में आठ जून को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान पाकिस्तान की तरफ से बचाव के विकल्पों तथा तैयारियों के बारे में चर्चा की।

बैठक में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा, ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जुबेर हयात, नौसेना प्रमुख एडमिरल मुहम्मद जकाउल्लाह, वायुसेना प्रमुख सोहेल अमान तथा इंटर सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नाविद मुख्तार ने हिस्सा लिया।

इसके अलावा, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, वित्त मंत्री इशाक डार, आंतरिक मंत्री चौधरी निसार अली खान, योजना मंत्री अहसान इकबाल, प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नसीर खान जुनेजा ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक में आईसीजे में तदर्थ न्यायाधीश के लिए सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों के नाम पर भी चर्चा हुई। हालांकि किसी भी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई।

जकारिया ने कहा कि आईसीजे में भारत की याचिका जाधव को राजनयिक संपर्क प्रदान करने के अधिकार को लेकर है।

प्रवक्ता ने कहा, “यह इसलिए नहीं है कि आईसीजे पाकिस्तानी कानूनी प्रक्रिया को लेकर अपीलीय अदालत के रूप में काम कर सकता है। यही कारण है कि वकील खवार कुरैशी ने अदालत को सूचित किया था कि भारत जो चाह रहा है, वह इस अदालत से उसे नहीं मिल सकता। उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि भारत मीडिया का इस्तेमाल मामले के बारे में खराब छवि बनाने के लिए कर रहा है।”

उन्होंने कहा कि जाधव द्वारा जासूसी तथा पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कबूलनामे के आधार पर 23 जनवरी को इस्लामाबाद ने भारत से जानकारी मुहैया कराने की मांग की थी, जिसके बारे में उसे बार-बार याद दिलाया गया, लेकिन वह इसमें नाकाम रहा।

प्रवक्ता ने जाधव की फांसी पर रोक को कुछ नहीं बल्कि ‘सामान्य’ करार दिया।

बलूचिस्तान तथा कराची में आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई है, जिसपर आईसीजे ने 18 मई को रोक लगा दी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493