बीजिंग, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे से चीन-भारत सीमा विवाद जटिल होगा। यह चेतावनी चीन के एक टिप्पणीकार ने बुधवार को दी है।
चाइना डेली में प्रकाशिक एक ऑप-एड में बीजिंग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के विशेषज्ञ, शी राव ने कहा कि दलाई लामा चीन-भारत सीमा मुद्दे, क्षेत्रीय शांति के समाधान में सिर्फ संकट पैदा कर रहे हैं।
टिप्पणीकार ने कहा है कि दलाई लामा ने इन वर्षो के दौरान अरुणाचल प्रदेश पर अपने विचार किस तरह बदले हैं, जो खुद 1959 में तिब्बत से भागकर भारत चले गए थे।
टिप्पणीकार ने लिखा है, “1959 में भारत भागने के बाद भी दलाई लामा ने दक्षिणी तिब्बत अरुणाचल प्रदेश पर भारत की संप्रभुता को पहले बढ़ावा नहीं दिया।”
लेखक ने दलाई लामा पर आरोप लगाया कि वह अपने अलगावादी समूह को जिंदा रखने में भारत की मदद के बदले में चीनी तिब्बत की पवित्र भूमि तवांग जिले को भारत को देना चाहते हैं, जहां छठे दलाई लामा पैदा हुए थे।
लेख में लिखा है, “उनकी यह यात्रा खुद के साथ, जनता के साथ, देश के साथ और साथ ही क्षेत्रीय शांति के साथ उनके विश्वासघात का प्रमाण है।”
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