बीजिंग, 3 अगस्त (आईएएनएस)। चीन के दिवंगत राजनीतिक असंतुष्ट कार्यकर्ता व नोबेल पुरस्कार विजेता लियू शियाओबो की विधवा लियू शिया फिलहाल बीजिंग में निगरानी के तहत हैं और उनके सही ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कुछ मित्रों ने समाचार एजेंसी एफे न्यूज को बताया कि चीनी सरकार ने लियू शिया को उनके और उनके पति के इलाज के बारे में बताने से रोकने के लिए गायब होने के लिए मजबूर किया है। शियाओबो का 13 जुलाई को लीवर कैंसर से निधन हो गया था।
पारिवारिक मित्र, कार्यकर्ता व लेखक वु यांगवेई ने, जो ये डु के नाम से भी जाने जाते हैं, कहा, “सरकार ने उन्हें गायब होने पर मजबूर किया है, इसमें कोई संदेह नहीं है।”
एक अन्य प्रमुख असंतुष्ट कार्यकर्ता हु जिया ने दावा किया कि लू शिया अपने मित्र के घर पर हैं, लेकिन वह यह नहीं जानते कि किस मित्र के घर पर हैं।
उन्होंने एफे को बताया, “फिलहाल, वह किसी से संपर्क नहीं कर सकतीं। “
लियू शिया पिछली बार सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी 15 जुलाई को अपने पति के अंतिम संस्कार की तस्वीरों में नजर आई थीं।
प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता लियू शियाओबो को 2009 में लोकतांत्रिक सुधारों की मांग को लेकर सैकड़ों चीनी बुद्धजीवियों द्वारा एक राजनीतिक घोषणापत्र साइन कराने के आरोप में 11 साल की जेल की सजा मिली थी।
औपचारिक रूप से कोई आपराधिक आरोप नहीं होने के बावजूद 2010 में शियाओबो को नोबेल पुरस्कार मिलने के तुरंत बाद लियू शिया को घर में नजरबंद कर दिया गया था।
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