न्यूयॉर्क, 13 मई (आईएएनएस)। दुनिया में सर्वाधिक उम्र के जीवित शख्स का खिताब रखने वाली सुसन्ना मुशत जोन्स का 116 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जोन्स 19वीं सदी में पैदा हुई अंतिम अमेरिकी नागरिक भी थीं।
आरटी ऑनलाइन द्वारा शुक्रवार को जारी रपट के अनुसार, छह जुलाई, 1899 को पैदा हुईं जोन्स का गुरुवार को ब्रुकलिन में एक नर्सिग होम में निधन हो गया, जहां वह तीन दशकों से रह रही थीं।
मूल रूप से अलबामा के मोंटगोमरी की निवासी जोन्स उसी वर्ष पैदा हुई थीं, जिस वर्ष ऑटोमोबाइल शब्द लिखित में अस्तित्व में आया था। वह दो विश्वयुद्धों और 20 अमेरिकी राष्ट्रपतियों की गवाह रहीं।
जोन्स के परिवार के एक सदस्य ने एनबीसी को बताया कि उनकी लंबी उम्र के पीछे का राज यह था कि वह मद्यपान, धूम्रपान या पार्टीबाजी से बिल्कुल दूर थीं। पारिवारिक सदस्य ने कहा कि बचपन में वह ताजे फल और सब्जियां खाती थीं, जिसने उन्हें स्वस्थ रहने में मदद की।
जोन्स के 11 भाई-बहन थे, और उन्होंने 1922 में स्कूल की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद उन्होंने उसी जमीन पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ पूर्णकालिक रूप से फसल बीनने का काम करने लगी, जहां उनके पूर्वजों ने गुलाम के रूप में काम किया था।
अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, जोन्स की दादी 117 वर्ष जिंदा रही थीं।
टस्केजी इंस्टीट््यूट के शिक्षण पाठ्यक्रम में उनका चयन हुआ था, लेकिन उनके माता-पिता शिक्षण शुल्क नहीं वहन कर पाए, जिसके कारण वह पढ़ाई छोड़कर न्यूजर्सी चली गईं, जहां उन्हें घरेलू नौकरानी का काम मिल गया।
उनकी एक बार शादी हुई थी, लेकिन कोई औलाद नहीं हुई। सेवानिवृत्त होने के बाद 1965 में वह अलबामा वापस लौट गईं। लेकिन चूंकि उनके परिवार के लोग उत्तर चले गए, लिहाजा वह न्यूयॉर्क लौट गईं और अंतिम समय तक वहीं रहीं।
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