न्यूयार्क, 13 मई (आईएएनएस) पृथ्वी से लगभग 3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर और लियो माइनर तारामंडल में स्थित मंद और शांत एक नीली आकाशगंगा ब्रह्मांड के जन्म पर नया प्रकाश डाल सकती है।
इंडियाना यूनिवर्सिटी के खगोलविदों ने पाया है कि यह लियोनसिनो (उपनाम) आकाशगंगा भारी रासायनिक तत्वों और धातुओं के निम्न स्तर से युक्त है, जिसकी आकाशगंगा (गुरुत्वाकर्षीय बल से बंधे तारा प्रणाली) में कभी खोज नहीं हुई।
इंडियाना यूनिवर्सिटी के ब्लूमिंग्टन कॉलेज ऑफ ऑर्ट्स एंड साइंस में प्रोफेसर जॉन जे. साल्जर ने बताया, “न्यूनतम धातुओं वाली आकाशगंगा की खोज रोमांचक है। यह बिग बैंग के गुणात्मक परीक्षण में मददगार साबित हो सकती है।”
ब्रह्मांड के जन्म के समय की स्थिति का पता लगाने के लिए अपेक्षाकृत कुछ ही तरीके हैं, लेकिन कम-धातु वाली आकाशगंगाएं सबसे कारगर विधि हैं। इसकी वजह यह है कि ब्रह्मांड के जन्म के विषय का मौजूदा मॉडल बिग बैंग के दौरान हीलियम और हाइड्रोजन की मात्रा के बारे में स्पष्ट भविष्यवाणियां प्रदर्शित करता है।
न्यूनतम धातु वाली आकाशगंगाओं में इन परमाणुओं का अनुपात मॉडल के सीधा परीक्षण को आसान बनाता है।
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