बीजिंग, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीन ने सोमवार को कहा कि एक संप्रभु देश वियना संधि के अनुरूप विदेशी राजनयिकों की रक्षा करने के लिए बाध्य है।
बीजिंग, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीन ने सोमवार को कहा कि एक संप्रभु देश वियना संधि के अनुरूप विदेशी राजनयिकों की रक्षा करने के लिए बाध्य है।
चीन का यह बयान उन खबरों के एक दिन बाद आया है, जिनमें उसने पाकिस्तान में नवनियुक्त अपने राजदूत पर संभावित हमले की आशंका जताई थी।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीनी दूतावास ने पाकिस्तानी सरकार से अपने राजदूत की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है।
चीन के राजनयिक मिशन ने प्रतिबंधित संगठन ईस्ट तुर्कमेनिस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) से संभावित हमले का हवाला दिया था।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, “मुझे लगता है कि यह किसी संप्रभुत देश का दायित्व है कि वह वियना संधि के अनुरूप अपने राजनयिक मिशनों की सुरक्षा करे।”
गेंग ने कहा कि वह चीन के पाकिस्तान को किए गए किसी भी तरह के आग्रह से वाकिफ नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “ईटीआईएम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सूचीबद्ध आतंकवादी संगठन है। ईटीआईएम से निपटना अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी प्रयासों का महत्वपूर्ण अंग है।”
पाकिस्तान के क्वेटा प्रांत में जून में चीन के दो नागरिकों को अगवा और उनका कत्ल कर दिया गया था।
पाकिस्तान का कहना है कि चीन के ये नागरिक दक्षिण कोरिया मिशनरी समूह से जुड़े हुए थे और ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।
चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड परियोजना पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान से होकर गुजरती है, जहां कई लोग इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
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