नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। ईसाई नेताओं ने देश में ‘बढ़ती’ असहिष्णुता की सोमवार को निंदा की और आरक्षण को खत्म करने के ‘कुटिल प्रयासों’ की कड़ी आलोचना की।
ईसाई समुदाय के 100 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने हस्ताक्षर वाले एक बयान में कहा है, “हम बिलकुल साफ शब्दों में देश में बढ़ रही असहिष्णुता का विरोध करते हैं। हम आरक्षण को खत्म करने और ऐसा कर अंतत: संविधान की हैसियत को कम करने के कुत्सित प्रयासों का भी विरोध करते हैं।”
समुदाय के नेताओं ने बयान में आदिवासियों, दलितों, महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों और घर वापसी (गैर हिंदुओं को हिंदू बनाने की मुहिम) का भी विरोध किया है।
बयान पर दस्तखत करने वालों में सेंट जेवियर कालेज कोलकाता के प्रधानाचार्य फादर फेलिक्स राज, कर्नाटक के पूर्व पुलिस प्रमुख फ्रांसिस कोलासो और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य जान दयाल के नाम शामिल हैं।
बयान में कहा गया है, “हम समाज के अलग-अलग तबकों, अलग-अलग विश्वासों, परंपराओं, पृष्ठभूमियों, संस्कृतियों, समुदायों, पेशेवर लोगों और अलग-अलग विचार रखने वालों द्वारा देश में असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाए जाने के साथ हैं। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा संकट और विवाद पैदा करने की कोशिशों का प्रतिरोध करें।”
dharmpath.com dharmpath