बेंगलुरू, 3 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के दक्षिण-पूर्व में स्थित वस्त्र उद्योग नगरी सोलापुर देश में यूनिफार्म यानी वर्दी प्राप्ति का केंद्र बनने जा रहा है। यह जानकारी उद्योग संगठन के एक पदाधिकारी ने गुरुवार को दी।
सोलापुर गार्मेट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट दर्शन कोचर ने आईएएनएस को बताया, “हम शहर में 2,000 गार्मेट युनिट लगाने जा रहे हैं जिससे 2022 तक सोलापुर दुनिया का सबसे बड़ा वर्दी प्राप्ति का केंद्र बन जाएगा।”
भारत में यूनिफार्म मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का कारोबार सालाना तकरीबन 18,000 करोड़ रुपये होता है जिसमें 10,000 करोड़ का कारोबार मशीनरी और फैब्रिक का है, जबकि खुदरा व्यापारियों व संस्थानों के माध्यम से स्थानीय स्कूलों में यूनिफार्म की आपूर्ति का कारोबार 8,000 करोड़ रुपये का है।
बेंगलुरू में आठ से 10 जनवरी के दौरान होने आयोजित होने जा रहे यूनिफार्म, गार्मेट एंड फ्रैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग फेयर-2018 से पहले कोचर ने कहा, “गुणवत्ता, टिकाऊपन, रंग और बुनावट को लेकर स्कूल यूनिफार्म, बच्चों के कपड़ों और पुरुषों व महिलाओं के ड्रेस की जबरदस्त मांग है।”
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने महिलाओं को युनिफार्म की सिलाई का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 2017 में सोलापुर में एक केंद्र की स्थापना की।
कोचर ने कहा, “मफतलाल इंडस्ट्रीज ने सोलापुर में एक गार्मेट मैन्युफैक्चरिंग युनिट की स्थापना की है, जिसमें युनिफार्म की सिलाई के लिए सैकड़ों प्रशिक्षित महिलाओं को रोजगार मिला है।”
तीन दिवसीय इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी करेंगी।
कोचर ने कहा, “इस मेले के दो संस्करणों का आयोजन अपने नगर में करने के बाद इस तीसरे संस्करण का आयोजन हम बेंगलुरू में कर रहे हैं। इसमें विदेशों से अनेक खरीदार पहुंच रहे हैं।”
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