माले, 15 मार्च (आईएएनएस)। मालदीव के राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम ने देश की फौजदारी अदालत द्वारा पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के खिलाफ सुनाए गए उस फैसले का सम्मान करने का आग्रह किया है, जिसमें नशीद को 13 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के मुताबिक, राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मालदीव के कानून के तहत नशीद को इस सजा के खिलाफ अपील करने का संवैधानिक अधिकार है।
यामीन के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “सरकार अपने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों का आह्वान करती है कि वे देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों को मजबूती प्रदान करने के लिहाज से आपसी सम्मान और संवाद पर आधारित रचनात्मक आदान-प्रदान जारी रखें।”
शुक्रवार को मालदीव की फौजदारी अदालत ने नशीद को आतंकवाद के आरोपों में 13 साल कारावास की सजा सुनाई थी।
नशीद की मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने कहा है कि लगभग तीन सप्ताह चला यह मुकदमा पूरी तरह राजनीति से प्रेरित था, जिसकी व्यापक स्तर पर मालदीव और विदेशों में भी आलोचना हुई है।
एमडीपी के प्रवक्ता हामिद अब्दुल गफूर ने कहा कि नशीद को अपना कानूनी पक्ष रखने और अपील करने के अधिकार से लगातार वंचित रखा गया।
प्रक्ता ने कहा कि नशीद के पक्ष में गवाही देने वालों को अपना पक्ष रखने से रोका गया और अभियोजन पक्ष के गवाहों को नियमित रूप से न्यायाधीशों और पुलिस द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
नशीद की कानूनी टीम ने पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया था। उनका आरोप था कि अदालत ने उन्हें बचाव की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
गौरतलब है कि नशीद मालदीव में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पहले राष्ट्रपति (2008) रहे। लेकिन फरवरी 2012 में उनका तख्तापलट कर दिया गया था।
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