नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पहलवान नरसिंह यादव का रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने का सपना अब सच होता नजर आ रहा है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने सोमवार को डोपिंग के आरोपों से बरी करते हुए उन पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध हटा लिया है।
गौरतलब है कि इसी महीने इससे पहले डोप टेस्ट में स्टेरॉयड के सेवन का दोषी पाए जाने के बाद नाडा ने नरसिंह पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था।
रियो ओलम्पिक में जाने के लिए अपने साथी खिलाड़ी और दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता सुशील कुमार से कानूनी जंग जीतने वाले नरसिंह को नाडा ने साजिश का शिकार बताया।
नरसिंह पर लिए गए फैसले को पढ़ते हुए नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने यहां पत्रकारों से कहा, “अतीत में दो जून तक उनका एक भी नमूना सकारात्मक नहीं पाया गया था, हमने इस बात को भी ध्यान में रखा। प्रतिबंधित पदार्थ का सिर्फ एक बार सेवन किया जाना हमारी समझ से बाहर था इसलिए पैनल का मानना है कि एक बार प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन जानबूझकर नहीं किया गया था।”
उन्होंने कहा, “पैनल का कहना है कि खिलाड़ी को नाडा के डोपिंग रोधी कोड के अनुच्छेद 10.4 का फायदा मिलना चाहिए।”
नरसिह को निर्दोष बताते हुए अग्रवाल ने कहा, “नरसिंह यादव की तरफ से किसी तरह की कोई गलती और लापरवाही नहीं बरती गई है। प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी द्वारा उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है।”
उन्होंने कहा, “पैनल का मानना है कि अभ्यास के दौरान अपने पेय पदार्थ पर ध्यान देना नामुमकिन है इसलिए इसे खिलाड़ी द्वारा की गई गलती नहीं माना जाएगा।”
नाडा की अनुशासनात्मक समिति ने गुरुवार को नरसिंह मामले पर अपनी सुनवाई खत्म कर दी।
पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत भारत को ओलम्पिक कोटा दिलाने वाले नरसिंह नाडा द्वारा 25 जून को कराए गए डोप टेस्ट में असफल साबित हुए थे।
नरसिंह के बी नमूने में भी प्रतिबंधित पदार्थ के अंश पाए गए थे। इसके बाद उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया था जिसके कारण उनके ओलम्पिक में हिस्सा लेने पर संशय बना हुआ था।
नरसिंह यादव के वकील ने सुनवाई के दौरान अपनी दलील में कहा कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। नरसिंह ने इसके खिलाफ पुलिस में अपनी शिकायत भी दर्ज कराई है।
नाडा के कानूनी प्रतिनिधि ने गुरुवार को कहा था कि खिलाड़ी पूरी तरह से यह साबित नहीं कर पाए हैं कि उनके खाने में किसी ने मिलवाट की है।
नरसिंह सोमवार को आए फैसले के बाद पांच अगस्त से ब्राजील के शहर रियो डी जेनेरियो में शुरू हो रहे ओलम्पिक खेलों में 74 किलोग्राम भारवर्ग में हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
इससे पहले भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने जोर देते हुए कहा था कि अगर नरसिंह को नाडा से हरी झंडी मिल जाती है तो वह उनके रियो जाने के लिए आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
74 किलोग्राम भारवर्ग में भारतीय कोटा बचाए रखने के लिए डब्ल्यूएफआई ने नरसिंह के स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर प्रवीण राणा को भेजा गया है। हालांकि अब नरसिंह के आरोपमुक्त होने के बाद राणा को वापस बुलाया जा सकता है और नरसिंह के रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
नरसिंह ने अपने ऊपर लगा अस्थायी प्रतिबंध हटने के बाद सभी का शुक्रिया अदा किया है।
नरसिंह ने डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ब्रजभूषण का भी शुक्रिया अदा किया।
प्रतिबंध से बरी होने के बाद नरसिंह ने यहां पत्रकारों से कहा, “मैं नाडा का प्रतिबंध हटाने के लिए धन्यवाद देता हूं। साथ ही मैं डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। मैं उन्हीं की बदौलत आज यहां हूं। उन्हीं के कारण मैं लगातार अभ्यास भी कर पाया। वह मुझसे कहते रहते थे कि ‘आप अभ्यास करो और आप ही रियो जाओगे’।”
नरिसंह ने देश के प्रधानमंत्री और खेल मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “मैं देश के प्रधानमंत्री को तहेदिल से धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने एक गरीब खिलाड़ी का साथ दिया। मैं खेल मंत्रालय का भी आभारी हूं।”
प्रतिबंध हटने के बाद काफी खुश दिख रहे नरसिंह ने साथ ही मीडिया और देशवासियों का सच का साथ देने के लिए भी आभार जताया।
नरसिंह ने कहा, “मैं मीडिया को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने मेरा साथ दिया। आज तक डोप में फंसे किसी खिलाड़ी का मीडिया ने साथ नहीं दिया, लेकिन आप लोगों ने मेरा साथ दिया, सच का साथ दिया। आपके कारण ही मुझे न्याया मिला, इसलिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं।”
नरसिंह ने कहा कि देश को उनसे पदक की उम्मीद है और वह इस उम्मीद पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं काफी खुश हूं। आप सभी को मुझसे उम्मीद है कि मैं पदक जीतूं। मैं पदक जीतने की कोशिश करूंगा, इससे बढ़ कर मेरे लिए कुछ नहीं है।”
फैसले के बाद नरसिंह के समर्थकों ने नाडा कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर जश्न मनाया।
इस फैसले का डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष ब्रजभूषण ने भी स्वागत किया है और कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि नरसिंह रियो जाएंगे।
फैसले से उत्साहित ब्रजभूषण ने पत्रकारों से कहा कि डब्ल्यूएफआई और नाडा विश्व कुश्ती युनाइटेड (यूडब्ल्यूडब्ल्यू), अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) को पत्र लिखेंगे ताकि नरसिंह के रियो जाने का रास्ता साफ हो सके।
ब्रजभूषण ने कहा, “हम आज आईओसी यूडब्ल्यूडब्ल्यू और रियो ओलम्पिक की आयोजक समिति को पत्र लिखकर बताएंगे की नाडा ने नरसिंह को आरोपमुक्त कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “डब्ल्यूएफआई ने इससे पहले 75 किलोग्राम भारवर्ग में भारतीय कोटा बचाए रखने के लिए नरसिंह के स्थापन्ना खिलाड़ी के तौर पर प्रवीण राणा के नाम की घोषणा 25 जुलाई को की थी। हमने उनको साफ लिख दिया था कि नाडा नरसिंह के मामले की जांच कर रहा है।”
उन्होंने कहा, “भारत आश्वस्त हो सकता है कि नरसिंह ही रियो जाएंगे। हमें इस पर पूरा भरोसा है।”
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