काठमांडू, 24 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत राय ने शुक्रवार को नेपाल सरकार से चुनाव से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लेने की अपील की।
काठमांडू, 24 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत राय ने शुक्रवार को नेपाल सरकार से चुनाव से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लेने की अपील की।
रिपोर्टर्स क्लब नेपाल द्वारा आयोजित एक विदाई समारोह में राय ने कहा, “दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत नेपाल में लोकतंत्र को मजबूत करने के हर कदम व प्रयास का समर्थन करता है। वर्षो से हमारी यही नीति रही है।”
उन्होंने कहा, “और मेरी नेपाल सरकार से अपील है कि 14 मई को चुनाव (स्थानीय) कराने से पहले वह सभी राजनीतिक पार्टियों को विश्वास में ले।”
भारत निरंतर इस बात की वकालत करता रहा है कि संविधान निर्माण की प्रक्रिया में नेपाल के सभी तबकों व पक्षों की बात रखी जानी चाहिए। राय ने इसी की वकालत की। स्थानीय चुनाव पर किसी भारतीय अधिकारी की यह पहली प्रतिक्रिया है।
नेपाल में अपना साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद राय भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह एक मार्च को काठमांडू से स्वदेश रवाना हो जाएंगे। भारत ने नेपाल में अपने नए राजदूत के नाम की घोषणा नहीं की है।
उन्होंने कहा, “काठमांडू में कूटनीतिक अधिकारी के रूप में काम करना किसी भी भारतीय राजनयिक के लिए पुरस्कार से कम नहीं है, क्योंकि यह चुनौतियों से भरा, जटिल तथा कभी-कभी निराश भी करने वाला है।”
राय ने कहा कि नेपाल-भारत के द्विपक्षीय संबंध हमेशा सकारात्मक रहे हैं और दोनों ही देशों को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य पहलुओं को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।
लोगों के आपस में संपर्क विकसित करने के लिए उन्होंने दोनों पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जब महाकाली पुल का निर्माण हो जाएगा, तो यह खासकर नेपाल के सुदूरवर्ती पश्चिमी क्षेत्र तथा भारत के उत्तराखंड राज्य के लोगों के लिए लाभदायक साबित होगा।
राय ने कहा, “अगली परियोजना पंचेश्वर पनबिजली परियोजना है। हमारा लक्ष्य जून तक परियोजना के डीपीआर को मंजूरी देना है।”
राजदूत ने कहा कि अगला मुद्दा रेल संपर्क है। उन्होंने कहा कि भारत के रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने घोषणा की है कि वह कोलकाता से काठमांडू तथा दिल्ली से काठमांडू रेल संपर्क का निर्माण करना चाहते हैं।
राय ने कहा कि उनके पास वर्तमान में पांच संपर्क परियोजनाएं हैं, जिनमें दो -जोगबनी से विराटनगर रेलवे लाइन तथा जनकपुर-जयनगर-बारदिबास रेलवे लाइन पर काम द्रुत गति से जारी है।
उन्होंने कहा कि तीसरी परियोजना एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है, जो 165 एकड़ जमीन में रक्सौल तथा बीरगंज में अलग-अलग बनी है।
राजदूत ने कहा कि हुलाकी राजमार्ग तथा अन्य बस सेवाओं से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी।
राय ने कहा, “अन्य पहल यह है कि भारतीय कैबिनेट ने अरुण-3 पनबिजली परियोजना के लिए एक अरब डॉलर के बजट को मंजूरी दी है। यह परियोजना बेहद जल्द रफ्तार पकड़ेगी।”
उन्होंने कहा कि भारत कोसी हाई डैम प्रोजेटक्ट पर काम शुरू करने के लिए पहल कर रहा है, जो सिंचाई तथा बिहार में बाढ़ नियंत्रण में मदद करेगा। साथ ही इससे नेपाल का समुद्र से सीधा संपर्क हो जाएगा।
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