नेपाल सरकार द्वारा शनिवार शाम यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने नेपाल के प्रति सद्भाव बनाए रखने और विकास कार्यो में सहयोग के लिए चीन का धन्यवाद किया।
कोईराला ने कहा, “25 अप्रैल को आए भूकंप के बाद चीन और चीन की जनता द्वारा स्वस्फूर्त, उदार और तत्पर सहयोग के लिए तथा पुनर्निर्माण के प्रति उनके ठोस संकल्प के प्रति हम बहुत आभारी हैं।”
चीन ने 25 अप्रैल को आए भूकंप के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण कार्य के लिए तीन अरब युआन (लगभग 48 करोड़ डॉलर) की सहायता राशि देने का वादा किया है।
कोईराला ने कहा कि चीन के वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने से न सिर्फ पड़ोसी देशों के लिए अवसर तैयार हुए हैं, बल्कि अन्य देशों के लिए भी।
कोईराला ने विश्वास जताया कि दोनों देशों की जनता के हित के लिए और वैश्विक शांति व समृद्धि के लिए नेपाल-चीन संबंधों में और गति आएगी।
कोईराला के सुर में सुर मिलाते हुए नेपाल के विदेश मंत्री महेंद्र बहादुर पांडे ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए चीन सरकार के प्रति आभार जताया।
पांडे ने कहा, “नेपाल-चीन संबंध समयसिद्ध हैं और पिछले 60 वर्षो के दौरान इसने एक नई ऊंचाई हासिल की है।”
नेपाल और चीन के बीच एक अगस्त, 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।
नेपाल में चीन के राजदूत वू चुंतई ने कहा कि चीन और नेपाल सबसे अच्छे दोस्त हैं और यह दोनों देशों के लिए लाभकारी है।
चुंतई ने कहा वक्त पर काम आने वाला ही सच्चा मित्र नामक कहावत का उद्धरण देते हुए कहा, “हमारा संबंध शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पांच सिद्धांतों पर निर्भर एक अच्छा उदाहरण है।”
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