काठमांडू, 23 जून (आईएएनएस)। नेपाल-भारत पारगमन संधि में मंगलवार को हुए संशोधन के बाद नेपाली कारोबारी अब आयातित ऑटोमोबाइल्स समुद्री बंदरगाहों से भारत के रास्ते सड़क मार्ग से नेपाल ला सकेंगे।
इससे पहले, भारतीय सीमाशुल्क विभाग से मंजूरी मिलने के बाद ही वाहनों को रेल के डिब्बों या फिर ट्रकों में बंदरगाहों से नेपाल ले जाया जाता था।
नेपाल-भारत संयुक्त आयोग की 25 और 26 जुलाई, 2014 को हुई तीसरी बैठक के दौरान नेपाल ने आग्रह किया था कि इन विशेष वाहकों, उपकरणों और प्रक्रिया को तेज करने के लिए होने वाली अतिरिक्त लागत से बचने के लिए आयातित वाहनों को सड़क मार्ग से लाने की मंजूरी दी जाए।
दोनों देशों के बीच विनिमय पत्र (एलओई) को अंतिम रूप देने के बाद रक्सौल-बीरगंज, जोगबानी-बीराटनगर, सोनौली-भैरावा और नेपालगंज रोड-नेपालगंज सीमा के जरिए वाहनों का आवागमन हो सकेगा।
मीडिया रपटों के मुताबिक, नेपाल ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शेखर गोलचा के मुताबिक, इस फैसले से कारोबारियों का समय बचेगा और वाहनों के आयात पर आने वाली कम से कम 100,000 नेपाली रुपये की लागत में भी कमी आएगी।
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