काठमांडू-नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार (26 अगस्त 2026) की सुबह आए विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 332 पहुंच चुका है. अकेले नेपाल में 270 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है. करीब 1500 लोग अब भी लापता हैं. इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि नेपाल में बाढ़ के बाद 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें से ज्यादातर लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (27 अगस्त 2026)की ब्रीफिंग में नेपाल बाढ़ में फंसे भारतीयों, अलग-अलग राज्यों से लापता लोगों और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अहम जानकारियां शेयर की हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल के बाढ़ में लापता भारतीयों में 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे. अब तक रेस्क्यू टीम ने 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया है. वहीं, तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है.
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