काठमांडू, 4 मई (आईएएनएस)। नेपाल में भूकंप के बाद अब यहां हैजा, अतिसार, निमोनिया और फ्लू जैसे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसी स्थिति में आगे चलकर क्षेत्र में महामारी फैल सकती है।
काठमांडू, 4 मई (आईएएनएस)। नेपाल में भूकंप के बाद अब यहां हैजा, अतिसार, निमोनिया और फ्लू जैसे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसी स्थिति में आगे चलकर क्षेत्र में महामारी फैल सकती है।
चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को यथासंभव व्यक्तिगत साफ-सफाई पर ध्यान देने की सलाह दी है।
टी.यू.टीचिंग अस्पताल के आपात चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप नारायण प्रसाद ने यहां आईएएनएस को बताया, “हर आपदा के बाद महामारी फैलने की आशंका होती है। बांग्लादेश युद्ध के बाद नेत्र-शोथ का प्रकोप हुआ था।”
नेपाल में विनाशकारी भूकंप के बाद बड़ी संख्या में जान-माल की हानि हुई है। नेपाल के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस भूकंप में 200,000 से अधिक मकान नष्ट हो गए और लगभग 180,000 घरों को भारी क्षति पहुंची है।
टी.यू.टीचिंग अस्पताल के आपात चिकित्सक समीर थापा का कहना है कि यहां संक्रमण तेजी से फैल सकता है। क्योंकि यहां खुले में काफी लोग एक-दूसरे के साथ गंदगी भरे वातावरण में रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचने के लिए उन्हें एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है।
बीर अस्पताल के नेशनल अकादमी ऑफ मेडिकल साइंस (एनएएमएस) के कुलपति गणेश गुरंग के मुताबिक, “व्यक्तिगत साफ-सफाई अत्यंत जरूरी है। इन्हें मास्क पहनने चाहिए। अपने हाथ धोने चाहिए, खुले में शौच नहीं करना चाहिए और स्वच्छ खान-पान ही ग्रहण करना चाहिए।”
भूकंप बाद के झटकों के बाद लोग अभी भी अपने घरों में जाने से कतरा रहे हैं।
थाईलैंड फोर्ट सुरासी अस्पताल के स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा कि यह एक दहशत की तरह है। यह स्वास्थ्य विशेषज्ञ अपने दल के साथ तोखा गांव के चिकित्सा शिविर में सेवाएं प्रदान कर रहा है।
गणेश गुरंग ने कहा, “ये अपने परिवार और कुत्तों के साथ शिविरों में रह रहे हैं। ये अभी भी अपने घरों में जाने से डर रहे हैं। हमने सुरक्षा के आश्वासन के बाद लगभग 20 लोगों को पुनर्वास केंद्र भेजा है।”
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