नेपाल में भूकंप से भारी तबाही, 900 मरे (राउंडअप)

काठमांडू/नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में आए भीषण भूकंप में 900 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। भूकंप की रही सही कसर बाद में आए कई झटकों ने पूरी कर दी, जिससे पूरे देश में तबाही का आलम है। भूकंप का असर भारत में भी देखा गया।

रिक्टर पैमाने पर 7.9 तीव्रता के इस भूकंप से पूरा नेपाल थर्रा उठा। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से 75 किलोमीटर उत्तर पश्चिम लामजुंग जिले में स्थित था। भूकंप की वजह से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। कई मकान धराशायी हो गए, सड़कें धंस गई तथा संचार व्यवस्था को भारी क्षति पहुंची है। भूकंप के बाद 20 से अधिक ऑफ्टरशॉक महसूस किए गए।

नेपाल पुलिस ने आईएएनएस से कहा कि 888 लोगों की मौत हुई है।

भारत के गृह सचिव एल.सी.गोयल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारत में अब तक 34 लोगों की मौत हुई है। बिहार में 23, उत्तर प्रदेश में आठ तथा पश्चिम बंगाल में तीन लोगों की मौत हुई है।”

राजधानी दिल्ली से असम के गुवाहाटी तथा जम्मू एवं कश्मीर के श्रीनगर से राजस्थान के जयपुर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप आने के आधे घंटे बाद भी कुछ झटके महसूस किए गए। महाराष्ट्र का नागपुर भी भूकम्प से हिल गया।

काठमांडू में कई भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं।

आईएएनएस के संवाददाता अनिल गिरी ने कहा कि काठमांडू में एक हजार इमारतें जमींदोज हो गई हैं। भूकंप से 19वीं सदी का नौमंजिला धरहरा टावर पूर्णत: धराशायी हो गया। बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। वाईफाई काम नहीं कर रहा। अस्पताल घायलों से भरे पड़े हैं।

नेपाल के एक पूर्व मंत्री ने कहा कि भूकंप का केंद्र रहे लामजंग में भारी तबाही हुई है।

सद्भावना पार्टी के प्रमुख राजेंद्र महतो ने आईएएनएस से कहा कि इतनी जल्दी नुकसान के बारे में अंदाजा लगाना बेहद कठिन है लेकिन काठमांडू एवं इसके आसपास के इलाकों को बेहद नुकसान पहुंचा है।

महतो ने कहा, “हमें पड़ोसियों तथा अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की मदद की जरूरत है।”

काठमांडू का त्रिभुवन हवाई अड्डा शनिवार को पूरी तरह बंद कर दिया गया परिणामस्वरूप यहां के लिए भारत से आठों उड़ानों को रद्द करना पड़ा।

नई दिल्ली में अधिकारियों ने कहा कि नेपाल के लिए सुबह 11.30 बजे उड़ान भरने के तुरंत बाद इंडिगो के विमान को वापस बुला लिया गया।

काठमांडू में भारतीय दूतावास परिसर में स्थित एक इमारत गिरने से एक दूतावासकर्मी की बेटी की मौत हो गई।

भीषण भूकंप से जूझ रहे नेपाल व भारत के विभिन्न हिस्सों को फौरी राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल चिकित्सकीय सहायता सहित राहत सामग्री व बचाव दलों को वहां भेजने का निर्देश दिया।

भूकंप के मद्देनजर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने नेपाल में फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।

भूकंप आने के तुरंत बाद मोदी ने नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव व विदेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री सुशील कुमार कोईराला से बातचीत की और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

मोदी ने देश के प्रभावित राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश व सिक्किम, पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की।

नेपाल कैबिनेट की शाम में एक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने भूकंप को राष्ट्रीय आपदा करार दिया और अंतर्राष्ट्रीय मदद की मांग की।

पड़ोसी देश को सहायता के लिए तत्काल कदम उठाते हुए भारत ने राहत सामग्री से भरे दो विमानों व राहतकर्मियों को नेपाल के लिए रवाना किया।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना किया गया।

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