जेनेवा, 25 अगस्त (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (यूएनएचसीएचआर) ने नेपाल में भड़की हिंसा में हुई मौतों पर मंगलवार को चिंता व्यक्त की है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “हम राजनीतिकों और प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि हिंसा के नियंत्रण से बाहर होने से पहले वे साथ बैठें और मसले का शांतिपूर्ण समाधान तलाशें।”
मीडिया रपटों के अनुसार, नेपाल के नए संविधान के मसौदे को लेकर सोमवार को भड़की हिंसा में 17 पुलिसकर्मियों सहित 21 लोगों की मौत हो गई। एक मृत पुलिसकर्मी के दो वर्ष के बेटे की भी हत्या कर दी गई।
नेपाल में राज्यों के सीमांकन पर आठ अगस्त को हुए समझौते के बाद से ही इसका व्यापक विरोध शुरू हो गया और इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान ताजा हिंसा से पहले भी पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने कहा, “यदि सभी साझेदार अपने रुख में परिवर्तन नहीं लाते तो आने वाले दिनों में विरोध और हिंसा के बढ़ने की पूरी आशंका है।”
उन्होंने नेपाल सरकार से ऐसा माहौल तैयार करने का अनुरोध किया है, जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग या असहमत वर्गो के विचार को भी सम्मान मिले और सुरक्षा बलों को अंतिम उपाय के तौर पर ही और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत तय मानदंडों के अंदर सुरक्षाकर्मी तैनात करने पड़ें।
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