काठमांडू, 25 जुलाई (आईएएनएस)। नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने संविधान के संक्रमणकालीन प्रावधानों के तहत एक नई सरकार के गठन के रास्ते में आ रही संवैधानिक अड़चन सोमवार को दूर कर दी, और प्रधानमंत्री के पद छोड़ने के बाद उनके किसी उत्तराधिकारी के चुनाव का रास्ता साफ कर दिया।
काठमांडू पोस्ट की रपट के अनुसार, प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल ने रविवार को राष्ट्रपति को सिफारिश की थी कि अड़चन दूर करने के लिए अनुच्छेद 305 का उपयोग किया जाए, क्योंकि ओली के इस्तीफे के बाद कोई नया प्रधानमंत्री चुनने का प्रावधान नहीं था।
भंडारी ने संविधान के अनुच्छेद 298 (2) और (3) के प्रावधानों के तहत एक नया प्रधानमंत्री चुनने का आदेश जारी किया।
अनुच्छेद 305 के अनुसार, राष्ट्रपति के पास यह अधिकार है कि वह संसद का प्रथम सत्र शुरू होने तक संविधान लागू करने के संदर्भ में पैदा होने वाली किसी भी कठिनाई को हटा सकते हैं।
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