नेपाल : राष्ट्रीय सरकार पर राजनीतिक दलों ने दिखाई एकजुटता

काठमांडू, 9 मई (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशाकारी भूकंप से मची तबाही से देश को उबारने के लिए नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने राष्ट्रीय सरकार के गठन पर शनिवार को नए सिरे से विचार विमर्श शुरू कर दिया।

काठमांडू, 9 मई (आईएएनएस)। नेपाल में 25 अप्रैल को आए विनाशाकारी भूकंप से मची तबाही से देश को उबारने के लिए नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने राष्ट्रीय सरकार के गठन पर शनिवार को नए सिरे से विचार विमर्श शुरू कर दिया।

नेपाल को इस त्रासदी से निकालने और देश का अधूरा संविधान पूरा करने में प्रमुख राजनीतिक दलों के संयुक्त प्रयास का महत्व समझ में आने के बाद घटनाक्रम में नया मोड़ आया है।

नेपाल में संविधान का निर्माण पिछले आठ वर्षो से सत्तारूढ़ एवं विपक्षी दलों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है।

नेपाल में आए भूकंप ने हालांकि सभी राजनीतिक दलों को साथ ला दिया है, जिससे वहां एक राष्ट्रीय सरकार का रास्ता साफ होता लग रहा है।

नेपाल के इतिहास में आए इस सबसे विनाशकारी भूकंप में अब तक 8,000 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है तथा 18,000 के करीब लोग घायल हुए हैं।

भूकंप में इसके अलावा हजारों की संख्या में निजी और सरकारी इमारतें, स्कूल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन्हें पुनर्निर्मित करने के लिए नेपाल को अरबों डॉलर की जरूरत होगी।

नेपाल के चारों पूर्व प्रधानमंत्रियों ने शनिवार भूकंप के कारण देश के सामने मौजूद चुनौतियों से पार पाने के लिए राष्ट्रीय सरकार के गठन पर बल दिया। चारों प्रधानमंत्रियों ने शनिवार को नेपाल की संसद में अपने-अपने संबोधनों में यह बात कही।

पूर्व प्रधानमंत्री नेपाली कांग्रेस के शेर बहादुर देउबा, सीपीएन-यूएमएल के झलनाथ खनाल और माधव कुमार नेपाल और यूसीपीएन-माओवादी के बाबूराम भट्टराई ने सभी राजनीतिक दलों से पुनर्रचना एवं पुनर्निर्माण कार्य, लंबे समय से अटके संविधान निर्माण तथा डेढ़ दशक बाद स्थानीय चुनाव करवाए जाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

भट्टराई ने कहा, “किसी योग्य व्यक्ति को नेतृत्व सौंपा जाए और देश को दूरदर्शी नेतृत्व सौंपा जाए।”

खनाल ने एक राष्ट्रीय गठबंधन सरकार गठित करने पर जोर दिया ताकि भूकंप के कारण हुई व्यापक तबाही से देश को प्रभावी तरीके से उबारा जा सके।

खनाल ने भूकंप के बाद खड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से एकजुट होने की अपील की। नेपाल और देउबा ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए।

भूकंप के बाद पिछले कुछ दिनों से नेपाल के तीनों मुख्य राजनीतिक दलों के नेता लोगों के बीच बहुत ही सकारात्मक संदेश के साथ आए हैं और भूकंप के बाद पुनर्वास एवं पुनर्रचना कार्य में एकजुट शक्ति के रूप में खुद को पेश किया है।

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