कोलकाता, 21 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि नोटबंदी के खिलाफ वह बुधवार को दिल्ली की सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करेंगी।
ममता ने संवाददाताओं से कहा, “मैं कल दिल्ली जा रही हूं। मैं बुधवार को सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करने उतरूंगी। अगर हमें आमंत्रण मिलता है, तो मैं 23 नवंबर को अन्य दलों के विरोध कार्यक्रम में शामिल होऊंगी, क्योंकि यह एक बड़ी लड़ाई है।”
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा कि वह 29 नवंबर को लखनऊ में एक रैली को संबोधित करेंगी।
उन्होंने कहा, “एक तथा दो दिसंबर को मैं बिहार में भी एक या दो बैठकों को संबोधित करूंगी। आम लोगों की तरफ से मैं पंजाब में भी जाकर बोलूंगी।”
ममता ने कहा, “जब तक लोगों को इंसाफ नहीं मिल जाता, मेरी लड़ाई जारी रहेगी।”
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मणिपुर, असम तथा कुछ अन्य भागों में तृणमूल कांग्रेस अलग से विरोध प्रदर्शन करेगी।
नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी सबसे आगे हैं।
उन्होंने पिछले बुधवार को तीन अन्य पार्टियों-आम आदमी पार्टी (आप), शिव सेना तथा नेशनल कांफ्रेस (नेकां) के नेताओं के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की।
इसके एक दिन बाद उन्होंने दिल्ली के आजादपुर मंडी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ संयुक्त रूप से एक बैठक को संबोधित किया था और केंद्र सरकार को नोटबंदी वापस लेने के लिए 72 घंटे की समय सीमा दी थी।
शनिवार को ममता ने यहां भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात की और राज्य में करेंसी के हालात पर सूचनाएं मांगीं।
ममता ने कहा कि तीन पार्टियां पहले ही उनके विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो चुकी हैं।
तृणमूल नेता ने कहा कि उन्होंने मुद्दे पर पहले ही केजरीवाल के साथ बातचीत की है।
यह पूछे जाने पर कि क्या उनके विरोध-प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी शामिल होने की संभावना है, उन्होंने कहा, “अगर वह शामिल होते हैं, तो अच्छी बात होगी।”
यह पूछे जाने पर कि उनका बिहार का कार्यक्रम कैसे सफल होगा, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नोटबंदी का समर्थन किया है, उन्होंने कहा, “तो क्या? वहां और कोई नहीं है?”
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