अनिल सिंह (भोपाल)– भोपाल में भाजपा मुख्यालय में ताजातरीन एक विवादस्पद नियुक्ति से रार मची हुई है,मामला है युवा मोर्चा कार्यालय सह-प्रभारी की नियुक्ति का।
धन-बल और बाहु-बल के दम पर हुई नियुक्ति
समीर खान जो पेशे से अपने आप को बिल्डर बताते हैं लेकिन सालों से कोई प्रोजेक्ट उनके चालू हुए ही नहीं,भाजपा के नेताओं पर खुले हाथों धन बरसाना,होर्डिंग लगवाना उनका शौक है,खबरनवीसों ने बताया की भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उनके धन-बल के कायल हो उन्हें इस महत्वपूर्ण पद से उपकृत कर गए।
मैदानी कार्यकर्ताओं में रोष है,हतोत्साहित है कार्यकर्ता
इस नियुक्ति से मैदानी कार्यकर्ताओं में रोष उत्पन्न हो गया है,दबी जबान सब कह रहे हैं कि भाजपा में यह संस्कृति विनाशक सिद्ध होगी पार्टी के लिए।
पद सँभालते ही कमरे की साज-सज्जा में फूंके रुपये
इन महाशय के पद सँभालते ही युवा मोर्चा कार्यालय की किस्मत बदल गयी,कूलर की जगह एसी ने ले ली,कमरे की आंतरिक सज्जा भी शुरू हो गयी इन सब को देख दूसरे कमरे भी जीभ लपलपा रहे हैं,लेकिन कम से कम में आदर्शों से ओत-प्रोत पार्टी विचारधारा के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ता खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
समीर खान को शौक है अपनी धनाढ्यता प्रदर्शित करने का
यह नव-धनाढ्य भाजपा के हर खेमे में पैठ बना चुका है,चाहे राजभवन में एंट्री हो या मुख्यमंत्री निवास में,संगठन में तो क्या -क्या हुआ सब देख ही रहे हैं,यह बड़ी-बड़ी लक्झरी गाड़ियों से आता है,सुरक्षा गार्ड साथ होता है,जिसे आज कल सरकारी सुरक्षाकर्मियों की तरह सफारी भी पहना दी है,धन-बल के दम पर बैक-डोर से प्रवेश करने वाले ये महाशय उदाहरण हैं,दीनदयाल जी के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाले नेताओं के करिश्मे की।(यह भी पढ़ें)
dharmpath.com dharmpath
