इस्लामाबाद, 6 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ ने बुधवार को कहा है कि पाकिस्तान सरकार भारत में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले की आतंकवादी संगठन द्वारा ली गई जिम्मेदारी की तरफ से आंख नहीं मूंद सकती।
‘द नेशन’ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कदम उठाने ही होंगे। उनकी सरकार ने कहा है कि भारत द्वारा उपलब्ध जानकारी के आधार पर वह काम कर रही है।
पठानकोट सैन्य अड्डे पर हमले में छह आंतकवादी मारे गए हैं। माना जा रहा है कि ये सभी पाकिस्तानी थे। भारत ने इस बारे में जानकारियां पाकिस्तान को दी हैं।
अखबार ने लिखा है, “यह नहीं हो सकता कि एक तरफ शरीफ, मोदी से कहें कि आतंकवादी हमेशा दोनों देशों की शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश करते हैं और साथ में ही यहां राज्य उस समूह की तरफ से आंख मूंद ले, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और जिसका नेतृत्व पाकिस्तान में मौजूद है।”
पाकिस्तान स्थित कश्मीरी आतंकवादी समूहों के समन्वयक संगठन युनाइटेड जेहाद कौंसिल (यूजेसी) ने पठानकोट हमले की जिम्मेदारी ली है।
द नेशन ने लिखा है कि इस दावे ने पाकिस्तान के लिए कई समस्याएं पैदा कर दी है। इसने पाकिस्तानी राज्य के गले में तौक (आमतौर से अपराधियों के गले में पहनाया जाने वाला लोहे का बड़ा छल्ला) पहना दिया है।
संपादकीय में कहा गया है, “इस दावे के बाद अब पाकिस्तान स्थित और खासकर कश्मीर (पाकिस्तान के कब्जे वाला) स्थित भारत विरोधी आतंकवादियों की अधिक खोज-खबर ली जाएगी।”
अखबार ने इस बात को स्वीकार किया कि ‘यूजेसी नेतृत्व को राजनैतिक रूप से पाकिस्तानी राज्य का करीबी’ माना जाता है।
अखबार ने लिखा है, “अगर पाकिस्तानी राज्य (स्टेट) यह कहना चाहता है कि वह एक आवाज में बोलता है और यह कि भारत के साथ फिर से शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया विचार-विमर्श और सहमति से फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा है, तो इसे यह मजबूती से दिखाना होगा कि इसने यूजेसी के दावे को गंभीरता से लिया है।”
अखबार ने लिखा है, “अगर यूजेसी का दावा एक फरेब है तो इसका पर्दाफाश होना चाहिए। और, अगर ऐसा नहीं है, तो फिर पठानकोट हमले के साजिशकर्ताओं को इंसाफ के कठघरे में लाने की जरूरत है।”
dharmpath.com dharmpath