सरकारी ‘पनामा न्यूज एजेंसी’ ने रविवार को पनामा नहर प्राधिकरण (एसीपी) के आंकड़ों के हवाले से कहा कि इस नहर की सबसे बड़ी लेन का उद्घाटन रविवार को किया गया। इस दौरान चाइना ओसन शिपिंग कंपनी (सीओएससीओ) के हजारों प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पनामा नहर के विस्तार के बाद चीन वह पहला देश है, जिसके जहाज को इसमें उतारा गया। पनामा के राष्ट्रपति जुआन कार्लोस वारेला ने सीओएससीओ को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम पर सम्मानित किया।
नहर प्राधिकरण ने कहा कि नहर के विस्तार का काम 2006 में शुरू हुआ था लेकिन वित्तीय संकट की वजह से यह लगभग दो वर्षो की देरी के कारण 2008 में भी जारी रहा।
इस परियोजना में कुल 5.5 अरब डॉलर की लागत आई।
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