वाशिंगटन में हो रहा सम्मेलन परमाणु प्रसार व सुरक्षा के मामलों पर केंद्रित होगा। चीन की परमाणु नीति को साझा करते हुए शी एक भाषण देंगे और वैश्विक परमाणु सुरक्षा में कैसे सुधार किया जाए, इस पर अपना सुझाव देंगे।
चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में शोधकर्ता चेन शुलोंग ने कहा कि साल 2012 के अंत में नए नेतृत्व के सत्ता संभालने से लेकर अब तक चीन बहुपक्षीय कूटनीति में पहले से अधिक सक्रिय हुआ है।
बीते एक दशक के दौरान, चीन ने धीरे-धीरे एक विदेश नीति का निर्माण किया है, जो शक्तिशाली देशों के बीच शक्ति संबंधों को महत्वपूर्ण पहलू मानता है, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान करता है, विकासशील देशों के साथ संबंधों को आधार मानता है और पहुपक्षीय कूटनीति को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र समझता है।
साल 2015 में शी ने संयुक्त राष्ट्र के कई सम्मेलनों जैसे पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, फिलीपींस में एपेक इकोनॉमिक लीडर्स मीटिंग, तुर्की में जी-20 शिखर सम्मेलन, इंडोनेशिया में एशिया अफ्रीकन लीडर्स मीटिंग, रूस में ब्रिक्स सम्मेलन तथा दक्षिण अफ्रीका में चाइना-अफ्रीका कोऑपरेशन फोरम में हिस्सा लिया।
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