कोलंबो, 24 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका सरकार ने बुधवार को कहा कि पर्यटकों को द्वीपीय देश में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए यथाशीघ्र कदम उठाए जाएंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, श्रीलंका के पर्यटन मंत्री जॉन अमरतुंगा ने कहा कि सरकार विदेशी पर्यटकों के शोषण और उन्हें परेशान करने की बढ़ती शिकायतों से चिंतित थी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग ऐसे कृत्य में संलिप्त थे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अमरतुंगा ने कहा, “विशेष रूप से पश्चिमी और दक्षिण श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों और सांस्कृति स्थलों पर पर्यटकों के शोषण और उन्हें परेशान करने की शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है।”
उन्होंने कहा कि पर्यटकों की शिकायतों में मौद्रिक शोषण, सामानों की चोरी और दलालों से परेशान किए जाने की बातें शामिल हैं।
उन्होंने पुलिस विभाग से कहा कि वह जरूरत के हिसाब से पर्यटन पुलिस का गठन करे। उन्होंने कहा, “जिस तरह पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, वैसे ही शिकायतें भी बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है। इसलिए हमलोगों ने कठोर कार्रवाई की योजना बनाई है, ताकि कुछ असामाजिक तत्वों से पर्यटन उद्योग और देश की अच्छी छवि खराब न हो।”
उल्लेखनीय है कि नागरिक संघर्ष के चलते श्रीलंकाई पर्यटन 30 वर्षो तक दागदार बना रहा, लेकिन अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यह क्षेत्र सबसे ज्यादा विदेश मुद्रा अर्जित करने वाला बन गया है। खासतौर से चीनी पर्यटकों को बड़ी संख्या में आने से इस साल जनवरी में पर्यटकों की संख्या में 24.3 फीसदी की वृद्धि हुई।
श्रीलंकाई पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि श्रीलंका के लिए चीन सबसे बड़ा पर्यटक श्रोत बन गया है और भारत का नम्बर उसके बाद ही आता है।
चीनी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण पिछले साल 18 लाख अधिक पर्यटक श्रीलंका आए, जो उससे पहले साल की तुलना में 17.8 प्रतिशत अधिक है।
dharmpath.com dharmpath