अरुण कुमार
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 10 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरका, पेरिस में पर्यावरण करार के लिए भारत के साथ साझा हितों के बिंदुओं की तलाश कर रहा है। इसके लिए अमेरिका की तरफ से भारत को यह आश्वासन भी दिया जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों की मदद की जाएगी।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने यह बात कही। उन्होंने कहा, “भारतीयों के प्रति यह अन्याय होगा अगर उन्हें यह कहा जाए कि वे पर्यावरण करार के रास्ते की बाधा हैं। कभी भी जब आप 180 देशों के साथ किसी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं तो कई मुद्दे उठते हैं जिन पर काम करना होता है। “
अर्नेस्ट ने कहा, “लेकिन, ये भी सही है कि अमेरिका की तरफ से यह सचेत कोशिश हो रही है कि भारतीयों के साथ सहमति के बिंदु तलाशे जाएं। इसकी कोशिश राष्ट्रपति (बराक ओबामा) के स्तर से तो हो ही रही है, हमारी वार्ता टीमें भी इस प्रयास में लगी हुई हैं। “
उन्होंने कहा कि अमेरिका यह बात फिर से दोहराना चाहता है कि जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों की मदद से पीछे नहीं हटा जाएगा।
अर्नेस्ट से पूछा गया था कि क्या मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी फोन काल में ओबामा ने विदेश मंत्री जान केरी के उस प्रस्ताव पर भी बात की जिसमें उन्होंने विकासशील देशों के लिए धन बढ़ाने की बात कही है। जवाब में अर्नेस्ट ने कहा कि उनके पास फोन काल का विवरण नहीं है।
उन्होंने कहा, “लेकिन, एक बात मैं कहना चाहूंगा कि अमेरिका इस पर्यावरण मुद्दे से प्रभावित होने वाले देशों को सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों में मदद के लिए तैयार है। यह ऐसी बात है जो बीते महीनों में मोदी और ओबामा के बीच लगातार होती रही है।”
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