पांच आदमी के भरोसे पचास हजार कि सूरक्षा स्टाफ कि कमी से जुझ रही हे पारा पूलिस चौकी

loadbanner_08अनिल श्रीवास्तव-पारा–पूलिस विभाग आज भी पूराने ढर्रे पर चल रहा हे विभाग ने सालो पहले जो नियम कायदे बनाए थे आज भी उसी लीक पर चल रहा हे भले ही वर्तमान समय के हिसाब से वह ना काफी हो।आज के दोर मे जहां जनसंख्या कि स्थिति बेतहासा बढी वही अपराधियो के अपराध करने के तोर तरीके भी बहूत बदल गए हे आज अपराधी हाईटेक हो गए हे जो कि विभिन्न संसाधनो के माध्यम से जगह जगह अपराध को अंजाम देरहे हे जिससे अपराध का ग्राफ प्रतिदिन बढता जारहा हे ऐसे मे पूराने नियम कानून के आधार पर चलना कहाॅ की तूक हे।पूलिस चैाकी मे चार ओर नए गांव जोडे गए हे जो कि जनसंख्या के हिसाब से भी बडे वही चैकी का परिसिमन क्षेत्र का दायरा करिब 25 से 30 किलोमीटर हो गया हे गांवो कि संख्या 38 हो गई हे वही आवागमन के साधन भी बहूत माख मे बढ गए हे ऐसे मे पारा चैकी क्षेत्र कि आबादी करिब पचास हजार से भी ज्यादा हो गई। जिससे अपराध का ग्राफ भी बढ रहा हे बिते वर्ष क्षेत्र मे हूए 80 से ज्यादा अपराध चौकी के रोनामचे मे दर्ज हे जब कि वर्तमान मे यह आंकडा 6 माह मे ही क्रास होगया।इस प्रकार आगामी 6माह मे क्षेत्र का अपराध ग्राफ कितना बडेगा इस अदांज सहज ही लगाया जा सकता हे।बढते हूए अपराध की विस्फोटक स्थिति को देखते हूए वर्तमान मे स्टाफ की मात्रा बहूत की कम हे।शासन व पूलिस प्रशासन को चाहीए कि इस ओर विशेष ध्यान दे।पचास हजार कि आबादी पर यह सूरक्षा व्यवस्था बहूत ही कम हे।
वर्षो कि जा रही हे थाने कि मांग–करिब 25 से तिस किलोमिटर का क्षेत्र व 38 गांवो कि सूरक्षा का जिम्मा पारा पूलिस चैकी पर हे इतना लम्बा क्षेत्र ओर बढते अपराध को देखते हूए पारा चोकी को थाना बनाने कि मांग क्षेत्र के नागरीको व जन प्रतिनिधियो द्वारा वर्षो से कि जा रही हे कई बार चैकी को थाने मे बदलने का प्रतिवेदन शासन को भेजा जा चूका हे पर विभाग हे कि इस ओर ध्यान नही दे रहा किसी न किसी कमी को लेकर हर बार प्रतिवेदन निरस्त कर नागरीको कि मांग को अनसूना किया जा रहा हे स्टाफ की कमी होने का एक यह भी मूख्य बडा कारण हे।
ये कहना हे इनका–
चैकी क्षंेत्र मे अपराध कम होने से थाना बनाने का प्रस्ताव निरस्त होगया हे जहा तक स्टाफ बडाने की बात हे समय आने पर बड जावेगा।
एस पी सिह पूलिस अधीक्षक झाबूआ

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