पाकिस्तान : अल्पसंख्यक सांसदों ने हिंदू त्योहारों पर छुट्टियों की मांग उठाई

इस्लामाबाद, 25 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान की संसद (नेशनल एसेम्बली) के गैर मुस्लिम सदस्यों ने सुझाव दिया है कि ईद की छुट्टियों में से थोड़ी कटौती की जाए, ताकि हिंदू पर्वो पर भी राष्ट्रीय छुट्टियां मनाई जा सकें।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की वेबसाइट के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद रमेश लाल और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के रमेश कुमार व वनक्वानी ने गुरुवार को इस मुद्दे को नेशनल एसेम्बली में उठाया।

सिंध में होली पर राजपत्रित छुट्टी की घोषणा पर लाल ने सिंध सरकार की प्रशंसा की और पाकिस्तान की संघीय सरकार को भी इसका अनुसरण करने की सलाह दी।

सांसद वनक्वानी ने मांग की कि हिंदुओं के दो प्रमुख त्योहारों- होली और दिवाली पर सरकार को छुट्टी की घोषणा कर देनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर आप सोचते हैं कि पाकिस्तान में पहले से ही बहुत सरकारी छुट्टियां हैं तो ईद पर तीन-चार दिनों की छुट्टियों में से कुछ दिन घटाए जा सकते हैं।”

वनक्वानी ने पाकिस्तान के सूचना मंत्री परवेज राशीद के बयान के संदर्भ में यह बात कही, जिसमें उन्होंने हाल में कहा था कि पाकिस्तान में पहले से ही बहुत राष्ट्रीय छुट्टियां घोषित हैं।

नेशनल एसेम्बली में धार्मिक पार्टियों- जमात-ए-इस्लामी और उलेमा-ए-इस्लाम फजल के सांसदों में से किसी ने भी वनक्वानी की सलाह का विरोध नहीं किया।

बाद में नेशनल एसेम्बली में पीएमएल (नवाज) की पार्टी के ईसाई सदस्य खलील जॉर्ज ने अपने भाषण में हिंदू सदस्यों की मांग का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, “हमें कोई समस्या नहीं है, क्योंकि ईस्टर रविवार को मनाया जाता है और क्रिसमस के दिन इसलिए छुट्टी रहती है कि उस दिन कायदे-ए-आजम की जयंती होती है। इसके लिए कायद-ए-आजम धन्यवाद के पात्र हैं। लेकिन मैं हिंदुओं के पक्ष का समर्थन करता हूं।”

उधर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सदस्य लालचंद मल्ही ने कहा कि यदि होली और दिवाली पर राष्ट्रीय छुट्टी की घोषणा नहीं भी की जाती है तो इन त्योहारों पर हिंदुओं के लिए राजपत्रित अवकाश घोषित कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “अल्पसंख्यकों के लिए इस तरह की व्यवस्था कई देशों में है।”

संयोग से हाल ही में भारत में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय जॉली ने इस्लामाबाद की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि भारत में ईद और आशुरा पर मुसलमानों के लिए छुट्टी रहती है।

पाकिस्तान के नेशनल प्रेस क्लब में अपनी बात रखते हुए उन्होंने मांग की थी, “अल्पसंख्यकों के लिए पाकिस्तान में भी समान व्यवस्था होनी चाहिए।”

भारत ही एक ऐसा देश नहीं है, जहां सभी धर्मो के लोगों के लिए राजपत्रित छुट्टियों की व्यवस्था है, बल्कि अधिकांश पश्चिमी देशों में भी इस तरह की व्यवस्था है।

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