पाकिस्तान की वित्तीय संकट में जरूर करेंगे मदद : चीन (लीड-1)

चीन ने शनिवार को पाकिस्तान को वित्तीय संकट से उबारने के लिए पूरी मदद करने का भरोसा दिलाया। चीन ने इस बात का संकेत दिया कि बीजिंग गंभीर आर्थिक संकट में फंसे अपने हर वक्त का साथी इस्लामाबाद को नया कर्ज देने को तैयार है।

चीन ने शनिवार को पाकिस्तान को वित्तीय संकट से उबारने के लिए पूरी मदद करने का भरोसा दिलाया। चीन ने इस बात का संकेत दिया कि बीजिंग गंभीर आर्थिक संकट में फंसे अपने हर वक्त का साथी इस्लामाबाद को नया कर्ज देने को तैयार है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस समय चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान बीजिंग ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के कार्य को आगे बढ़ाए। सीपीईसी चीन के बेल्ट व रोड प्रोजेक्ट का मुख्य अंग है। पाकिस्तान में उत्पन्न संकट के कारण इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।

भारत ने 60 अरब डॉलर की सीपीईसी परियोजना का विरोध किया है, क्योंकि यह मार्ग पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।

चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने कहा, “चीन की सरकार पाकिस्तान को मौजूदा आर्थिक संकट से उबारने के लिए जरूरी सहायता प्रदान करेगी।”

हालांकि मंत्री ने चीन की ओर से प्रदान की जाने वाली वित्तीय मदद की कोई विशेष ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस पर बातचीत चल रही है।

इमरान खान और उनके चीनी समकक्ष ली केकियांग के बीच ग्रेट हॉल में वार्ता और 16 द्विपक्षीय मुद्दों पर करार होने के बाद शुआनयू यहां संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

खान ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के लिए वित्तीय सहायता की मांग की। पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज बढ़ने के कारण आर्थिक संकट गहरा गया है।

खान ने ली के साथ मुलाकात के दौरान कहा, “इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में गहराई आई है, क्योंकि 2013 में सीपीईसी महज एक योजना थी और अब यह पाकिस्तान के लोगों की कल्पना है।”

उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि यह हमारे देश की तरक्की के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे निवेश हासिल होगा। यह हमें अपने जीवन-स्तर को ऊंचा करने और विकास दर बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। आप बदलाव पाएंगे, क्योंकि 2013 के बाद बहुत कुछ हुआ है। इनमें एक चीज यह है कि मेरी पार्टी सत्ता में आई है।”

पाकिस्तान ने पहले ही सऊदी अरब से छह अरब डॉलर का कर्ज लिया है, मगर वित्तीय संकट के निवारण के लिए यह रकम पर्याप्त नहीं है। इसलिए पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से भी राहत पैकेज की मांग की है।

आईएमएफ ने राहत पैकेज प्रदान करने से पहले पाकिस्तान से चीन से वित्तपोषित सीपीईसी से संबंधित वित्तीय ब्यौरे का खुलासा करने को कहा है। चीन पाकिस्तान के आईएमएफ के पास जाने से घबराया हुआ है, क्योंकि आईएमएफ पर अमेरिका का वर्चस्व है और अमेरिका बेल्ट व रोड प्रोजेक्ट का विरोध करता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि चीन ने पाकिस्तान को सीपीईसी के जरिए भारी कर्ज के तले धकेल दिया है, लेकिन बीजिंग इस बात से इनकार करता है।

खान की नई सरकार के कुछ मंत्रियों ने रेल परियोजना का बजट दो अरब डॉलर घटाने के साथ पाकिस्तान में चीन के निवेश पर चिंता जाहिर की है।

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