वाशिंगटन, 27 जून (आईएएनएस)। वाशिंगटन द्वारा वित्तीय छूट के तहत एफ-16 लड़ाकू विमान देने से मना करने और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करने के बाद पाकिस्तान को अमेरिका में एक सवैतनिक ‘लॉबिस्ट’ (पैरोकार) की तलाश है।
पाकिस्तानी दूतावास के प्रवक्ता नदीम होतियाना ने पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘डॉन’ से कहा कि इस्लामाबाद एक ‘लॉबिस्ट’ की तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
समाचार पत्र ने दो मुद्दों को ‘दो कूटनीतिक आपदा’ के रूप में वर्णन किया था।
‘डॉन’ ने कहा कि अमेरिकी कानून विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, वाशिंगटन में पाकिस्तान में लॉबी करने वाली अंतिम कानूनी फर्म लॉके लॉर्ड स्ट्रेटेजीज थी।
इस्लामाबाद में नई सरकार के गठन के करीब एक महीने बाद पाकिस्तान उक्त फर्म के साथ अपने अनुबंध केनवीकरण में जुलाई, 2013 को विफल रहा।
पाकिस्तानी दूतावास इस समूह को प्रति माह 75,000 डॉलर अदा कर रहा था, जो पैरवी करने के लिए कानूनी फर्म लॉके लॉर्ड का आधार है।
डॉन ने कहा कि कैपिटल हिल पर उक्त फर्म का बहुत कम प्रभाव था। यह अमेरिकी मीडिया में पाकिस्तान के लिए पैरोकारी करने में प्रभावहीन साबित हुई। नवाज शरीफ के पदभार ग्रहण करने के बाद पाकिस्तानी राजनयिकों को स्वयं पैरोकारी करने को कहा गया।
लेकिन वाशिंगटन और खासतौर पर कैपिटल हिल में यह आम धारणा थी कि पाकिस्तान अमेरिका को लेकर गंभीर नहीं था।
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