इस्लामाबाद, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की एक अदालत ने सरकार को अपनी जलवायु परिवर्तन नीति लागू करने व इसके निरीक्षण के लिए एक आयोग की स्थापना करने का आदेश दिया।
डान ऑनलाइन की एक रपट के मुताबिक, असगर लेघारी नामक एक किसान ने लाहौर उच्च न्यायालय में 31 अगस्त को सरकार के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की थी।
जीवन-यापन के लिए कृषि पर आश्रित लेघारी ने तर्क दिया कि सरकार ने राष्ट्रीय जलवायु नीति व फ्रेमवर्क, 2012 के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के मुद्दों के समाधान के लिए कदम नहीं उठाया।
नीति का हवाला देते हुए किसान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खतरे ने पाकिस्तान में खासकर देश के जल सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा व ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में जीवन-यापन संबंधी चिंताएं पैदा कर दी है।
न्यायाधीश सैयद मंसूर अली शाह ने उल्लेख किया कि जलवायु परिवर्तन पाकिस्तान के लिए एक बेहद गंभीर खतरा लगता है और पाकिस्तान सरकार के मंत्रालयों व विभागों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया और चुनौतियों से निपटने के लिए क्या प्रगति हुई इससे न्यायालय को अवगत कराने को कहा है।
सरकार के प्रतिनिधियों ने अदालत से कहा कि विभिन्न इच्छुक पार्टियों द्वारा 734 एक्शन पॉइंट सुझाए गए, जिनमें से 232 को साल 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा।
न्यायाधीश ने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जलवायु परिवर्तन आयोग के गठन का आदेश दिया।
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