इस्लामाबाद, 24 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तानी नौसेना की एक अदालत ने 2014 में एक युद्धपोत को अगवा करने और अमेरिकी नौसेना के ईंधन भरने वाली एक जहाज पर हमला करने की साजिश रचने के आरोप में पांच नौसैन्य अधिकारियों को मृत्युदंड सुनाया है।
‘डॉन’ ऑनलाइन ने सेवानिवृत्त मेजर सईद अहमद के हवाले से कहा कि सब-लेफ्टिनेंट हम्माद अहमद व चार अन्य अधिकारियों को छह सितंबर, 2014 को नौसेना के पोतगाह पर हमला करने का दोषी ठहराया गया है। सेवानिवृत्त मेजर सईद अहमद दोषी हम्माद अहमद के पिता हैं।
सईद ने कहा कि ये सब अधिकारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से ताल्लुक रखने, सैन्य विद्रोह, षड्यंत्र रचने और कराची पोतगाह में हथियार लाने के लिए आरोपित किए गए।
सईद का दावा है कि नौसैन्य अधिकारियों ने उनके बेटे को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “मैंने 15 अगस्त, 2015 को नौसेना के न्यायाधीश महाधिवक्ता (जेएजी) को एक खत लिखकर उनसे मेरे बेटे को बचावपक्ष का वकील मुहैया कराने की मांग की थी।”
सईद ने कहा, “नौसेना के जेएजी ने 21 सितंबर को जवाब दिया कि बचाव पक्ष के वकील का विकल्प सुनवाई के वक्त दिया जाएगा।”
सईद सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें हाल ही में सूचित किया गया कि उनके बेटे को कराची केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया है।
वह जब बेटे से कारागार मिलने पहुंचे तो उन्हें बेटे व चार अन्य अधिकारियों -इरफानुल्लाह, मुहम्मद हम्माद, अर्सलान नाजीर एवं हाशिम नासीर- को मृत्युदंड मिलने के बारे में पता चला।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
सईद का दावा है, “मेरे बेटे ने मुझे बताया कि नौसैन्य अदालत ने एक गुप्त सुनवाई के बाद उन्हें सजा-ए-मौत सुना दी।”
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